आयुर्वेद की डिग्री पर जिले में संचालित हो रहे एलोपैथ अस्पताल।
जागरण संवाददाता, बहराइच। जिले के कई इलाकों में आयुर्वेद डिग्री धारक एलोपैथ का पंजीकरण करवाकर अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। इससे शासन के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आयुर्वेद विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो ऐसे 50 चिकित्सकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिनका अस्पताल संचालित हो रहा है।
आयुर्वेद व यूनानी की डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सकों को एलोपैथ अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं हैं। बावजूद इसके बाद जिले में आयुर्वेद की डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सक धड़ल्ले से एलोपैथ अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। इतना ही मरीजों के सेहत से खिलवाड़ करते हुए एलोपैथ का इलाज भी कर रहे हैं।
शासन का स्पष्ट आदेश है कि आयुर्वेद की डिग्री लेने वाले चिकित्सक इसका रजिस्ट्रेशन आयुर्वेदिक अस्पताल में करवाएं। साथ ही अस्पताल का संचालन भी इसी डिग्री पर करें, लेकिन जिले में इसके विपरीत कार्य हो रहा है।
आयुर्वेद विभाग के आंकड़ोें के अनुसार 50 ऐसे चिकित्सक हैं जो आयुर्वेद की डिग्री हासिल करने के बावजूद एलोपैथ अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। इतना ही नहीं इनका पंजीकरण भी सीएमओ आफिस हुआ है।
इन अस्पतालों का संचालन शहर के गुल्लाबीर, कल्पीपारा, तिकोनीबाग, मिहींपुरवा, नानपारा व रुपईडीहा इलाके में अधिक हो रहा है। यह सभी बीयूएमएस डिग्री धारक हैं, लेकिन अस्पताल एमबीबीएस डिग्री के तहत चला रहे हैं। पूरे जिले में लगभग 250 अस्पताल संचालित हैं।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आयुर्वेद व यूनानी की डिग्री पर एलोपैथ अस्पताल का संचालन व पंजीकरण नहीं हो सकता है। अगर ऐसा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह करवा रहे पंजीकरण
आयुर्वेद डिग्री धारक चिकित्सक मोटी रकम देकर एमबीबीएस चिकित्सक के नाम पर पंजीकरण करवा लेते हैं। इसके बाद उन्हीं के नाम पर अस्पताल का संचालन करते हैं। जबकि इलाज आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सक ही करते हैं।
विभाग में करवाना चाहिए पंजीकरण
आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सकाें को विभाग में ही पंजीकरण करवाना चाहिए। एलोपैथ में पंजीकरण गलत है। इसके लिए सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। -डॉ. सरोज शंकर राम जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी। |
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