पत्रकारों से बात करते हुए जम्मू कठुआ सांबा रेंज के डीआईजी शिवकुमार शर्मा।
करुण शर्मा, बिलावर (कठुआ)। जिला कठुआ के बिलावर के पहाड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को मुठभेड़ में मारा गया जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तानी आतंकी उस्मान पिछले एक माह से सीमा पार अपने हैंडलर से लगातार संपर्क में था। एक माह के दौरान वह कई बार सुरक्षाबलों की घेराबंदी में फंसा और फायरिंग कर भाग जाता था।
वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और आगे के लिए अपने हैंडलर से दिशा-निर्देश ले रहा था। वह गणतंत्र दिवस पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भी था। सूत्रों के अनुसार, मारे गए उस्मान के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने एक छोटा की-पैड वाला मोबाइल भी फोन बरामद किया है।
सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए उस्मान स्मार्टफोन का उपयोग नहीं कर रहा था। बिलावर के सुराडा क्षेत्र में चल रहे तलाशी अभियान के दौरान जम्मू-कठुआ-सांबा रेंज के डीआइजी शिवकुमार शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सुरक्षाबल के साथ मुठभेड़ में मारा गया आतंकी उस्मान गणतंत्र दिवस पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में था।
पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सेना और सीआरपीएफ ने उसे पहले ही मार गिराया। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षाबल की सफलता के साथ बिलावर की सतर्क जनता की कामयाबी है, जिसने आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबल को सटीक जानकारी मुहैया कराई।
डीआईजी ने बताया कि उस्मान पाकिस्तान से दो साल पहले भारतीय सीमा में घुसपैठ कर पहुंचा था और तब से कठुआ जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय था।
उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू, कठुआ और सांबा में लगातार संदिग्ध लोग देखे जा रहे हैं, लेकिन हमारे सुरक्षाबल लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जम्मू, कठुआ और सांबा में सभी संदिग्धों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को बिलावर के पड़ेतर में उस्मान को मार गिराया था। |
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