जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 6894 नोटिस की सुनवाई शनिवार तक पूरी हो चुकी है। निर्वाचन आयोग की छूट के बाद नोटिस का निराकरण कराने वालों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन अभी अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
अधिकारी बाहर रहने वालों के लिए तरीका खोज रहे हैं, कि कैसे वे वहां से अपने स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति की सुनवाई कराने के लिए अधिकृत कर सकेंगे।
एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी कहते हैं कि निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए नोटिस की सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति में छूट दे दी है।
ऐसे मतदाता जो दूर हैं, नहीं आ सकते हैं, वह अपनी तरफ से किसी व्यक्ति को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें लिखित रूप से हस्ताक्षर कर या अंगूठा लगाकर अधिकार पत्र देना होगा।
अब जो दूर है वह कैसे हस्ताक्षर या अंगूठा लगाकर किसी व्यक्ति को अधिकृत करेगा, इस प्रश्न पर विचार किया जा रहा है। वाट्सएप के माध्यम से मतदाता यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। हस्ताक्षर कर या अंगूठा लगाकर जो अधिकारपत्र वह भेजेंगे उसका सत्यापन कराया जाएगा।
इसके बाद सुनवाई प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें केवल अपने से संबंधित अभिलेख देने हैं। इंटरनेट मीडिया व समाचारपत्रों में छूट की खबर आने के बाद शनिवार को लोगों की संख्या सुनवाई के लिए बढ़ी है।
एसडीएम ने बताया कि सदर तहसील में 16 अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं। जहां पहले लोग 25-30 की संख्या में आते थे अब वह 40 के ऊपर हो गई है।
जयसिंहपुर : सहायक निर्वाचन अधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि कुल 1426 मतदाताओं से संबंधित मामलों में नोटिस जारी की गई थी। इसी क्रम में शनिवार को बूथ संख्या 158 से 188 के अंतर्गत आने वाले पीढ़ी, कारेबन, करसा सहित अन्य गांवों के मतदाताओं की सुनवाई की गई।
उन्होंने बताया कि पीढ़ी के बूथ संख्या 160 एवं 161 (भीखूपुर) के कुल 1013 मतदाताओं को दी गई नोटिस पर सुनवाई करते हुए आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है।
भदैंया : विकास खंड कार्यालय में ज्वांइट मजिस्ट्रेट डा. रिदम आंनद की अगुवाई में शनिवार को एसआइआर के कैंप मे 100 से अधिक मतदाताओं की समस्याओं को सुना, और निस्तारित करते हुए संबंधित कर्मचारियों, बीएलओ और सुपरवाइजर को निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील की की जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए है, वे समय पर अपने दावे प्रस्तुत करें। |