रस्क के सीलबंद पैकेट के अंदर मक्खियां और कीड़े पाए गए, जो खाने योग्य बिल्कुल नहीं थे।
जागरण संवाददाता, मोहाली। ऑनलाइन ऑर्डर पर मंगवाए गए आटा ब्रेड और आटा सूजी रस्क के सीलबंद पैकेट में मक्खियां और कीड़े पाए गए, जो खाने योग्य बिल्कुल नहीं थे। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेक्टर-70 स्थित प्रसिद्ध खाद्य संस्था ‘निक बेकर्स’ को सेवाओं में कमी और मानसिक उत्पीड़न के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं।
यह फैसला सेक्टर-78 निवासी सरप्रीत कौर की शिकायत पर सुनाया गया। सरप्रीत कौर ने 8 सितंबर 2025 को जोमैटो के माध्यम से निक बेकर्स से आटा ब्रेड और आटा सूजी रस्क का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर प्राप्त हुआ तो रस्क के सीलबंद पैकेट के अंदर मक्खियां और कीड़े पाए गए, जो खाने योग्य बिल्कुल नहीं थे।
जब शिकायतकर्ता के पति ने ई-मेल के माध्यम से इस बारे में निक बेकर्स को सूचित किया तो संस्था ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पूरा दोष डिलीवरी पार्टनर ज़ोमैटो पर डाल दिया।
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली संस्था होने के नाते निक बेकर्स उपभोक्ताओं को दूषित और अस्वच्छ भोजन की आपूर्ति नहीं कर सकती। इसके अलावा, नोटिस मिलने के बावजूद भी निक बेकर्स 45 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने में विफल रहा, जिसे आयोग ने गंभीरता से लिया।
आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और सेवा में कमी के लिए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पीजीआई के ‘पुअर पेशेंट रिलीफ फंड’ में राशि जमा करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो उक्त राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। |