मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 16 कंपनियों का विलय किया। (तस्वीर प्रतीकात्मक और AI जनरेटेड है।)
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की Reliance Industries ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी 16 कंपनियों का अस्तित्व खत्म कर दिया। जी हां रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने नए और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस को मजबूत करने के लिए 16 स्टेप-डाउन सब्सिडियरी कंपनियों (Reliance Industries Merges 16 Companies) को रिलायंस न्यू एनर्जी में मिला दिया है।
ये 16 स्टेप-डाउन कंपनियां मुख्य रूप से हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर प्रोडक्शन और फ्यूल सेल मैन्युफैक्चरिंग जैसे अलग-अलग नए एनर्जी प्रोडक्शन सेगमेंट में काम कर रही थीं। अब ये सभी कंपनियां Reliance New Energy Limited के तहत आ गई हैं।
इन 16 कंपनियों को Reliance New Energy में किया गया मर्ज
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी स्टोरेज, कार्बन फाइबर सिलेंडर, हाइड्रोजन फ्यूल सेल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सहित 16 कंपनियों को मर्ज करने का फैसला रीजनल डायरेक्टर, वेस्टर्न रीजन के एक आदेश के बाद लिया गया।
- रिलायंस पावर इलेक्ट्रॉनिक्स
- रिलायंस इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग,
- रिलायंस ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन केमिकल्स
- रिलायंस न्यू पावर इलेक्ट्रॉनिक्स
- रिलायंस न्यू एनर्जी स्टोरेज
- रिलायंस कार्बन फाइबर सिलेंडर
- रिलायंस न्यू एनर्जी कार्बन फाइबर सिलेंडर
- रिलायंस हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइसिस
- रिलायंस न्यू एनर्जी हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइसिस
- रिलायंस न्यू एनर्जी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स
- रिलायंस हाइड्रोजन फ्यूल सेल
- रिलायंस न्यू एनर्जी हाइड्रोजन फ्यूल सेल
- कच्छ न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स
- रिलायंस पेट्रो मैटेरियल्स
- कलंबोली ईस्ट इंफ्रा
- कलंबोली नॉर्थ थर्ड इंफ्रा
Q3 नतीजों की घोषणा के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था, “रिलायंस AI और न्यू एनर्जी के क्षेत्र में अपनी पहलों के साथ वैल्यू क्रिएशन के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। मुझे विश्वास है कि रिलायंस इन युग बदलने वाली टेक्नोलॉजी के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा, और भारत और दुनिया के लिए बड़े पैमाने पर सस्टेनेबल समाधान प्रदान करेगा।“
21 जनवरी से लागू हुआ मर्जर
RIL ने बताया कि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, पश्चिमी क्षेत्र के रीजनल डायरेक्टर के आदेश के बाद, यह मर्जर 21 जनवरी, 2026 से लागू हो गया है।
RNEL में मर्ज होने वाली कंपनियों में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी स्टोरेज, कार्बन फाइबर सिलेंडर, हाइड्रोजन फ्यूल सेल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाली कंपनियां शामिल हैं।
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में, रिलायंस इंडस्ट्रीज बैटरी सेल से लेकर बैटरी पैक और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तक पूरा पैकेज बना रही है।
Reliance Industries ने कहा, “हमारे 40 GWh सालाना BESS असेंबली और सेल मैन्युफैक्चरिंग गीगाफैक्ट्रीज को स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य पूरे जोरों पर चल रहा है, जिसका कमीशनिंग इस साल अलग-अलग चरणों में करने की योजना है।“
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