पूर्वांचल भर में बादलों की आवाजाही का दौर शुरू हो चुका है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में गलन का दौर बीतने के बाद एक बार फिर से मौसमी बदलाव की अकुलाहट है। मध्य उत्तर प्रदेश तक शनिवार की सुबह बूंदाबांदी होने के बाद अब पूर्वांचल की ओर बादलों का रुख हो चुका है। बादलों की सक्रियता की वजह से धूप की तल्खी में तो कमी आई है लेकिन तापमान में कमी की संभावना कुछ कम हुई है। माना जा रहा है कि बादलों के गुजरने के बाद वातावरण में गलन का असर हो सकता है।
शनिवार की सुबह वातावरण में बादलों की मामूली सक्रियता के बीच सुबह कोहरे का भी कुछ असर रहा। सुबह आठ बजे के बाद सूरज की रोशनी को वातावरण का सहारा मिला तो धूप ने भी धरती का रुख किया। हालांकि बादलों की ओट से धूप भी अधिक प्रभावी नजर नहीं आ सकी। इसकी वजह से धूप में पर्याप्त तेजी भी नहीं रही। इसकी वजह से मौसम का रुख मिला जुला बना रहा। तापमान में चढ़ाव रहा तो वातावरण में गलन का असर नदारद दिखा।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 25.5°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 11.4°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 68% और अधिकतम 84% दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में वातावरण में बादलों की सक्रियता का रुख होने जा रहा है। पछुआ का जोर होने की वजह से बादलों के पीछे ठंडी हवाओं का जोर भी खिंचा चला आएगा।
वर्तमान में जो बादलों की मामूली आवाजाही का रुख बना हुआ है वह पर्याप्त बूंदाबांदी कराने में इस लिहाज से सक्षम नहीं है कि वातावरण में आर्द्रता में कमी है। आर्द्रता में इजाफा होने पर बूंदाबांदी हो सकती थी। हालांकि इसके पीछे पाकिस्तान तक बादलों की आवाजाही का संकेत बना हुआ है। यदि आर्द्रता में बढोतरी हुई तो बूंदाबांदी का रुख जो शनिवार की सुबह मध्य उत्तर प्रदेश तक सीमित था वह पूर्वांचल तक पहुंच सकता है। हालांकि बादलों की स्थिति बेहतर बारिश की फिलहाल नजर नहीं आ रही है। |
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