search

गोरखपुर मजार विवाद: इलाहाबाद हाई कोर्ट का यथास्थिति का आदेश, अपीलीय अधिकारी को जल्द सुनवाई का निर्देश

LHC0088 2026-1-24 08:26:17 views 1247
  

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर में मजार और कब्रिस्तान से जुड़ी विवादित जमीन के मामले में राहत देते हुए अगले पांच हफ्तों तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की एकल पीठ ने यह आदेश मजार कमेटी शहीद अब्दुल गनी शाह रहमतुल्ला की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतरिम प्रकृति का है और इससे मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं मानी जाएगी।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तनिशा जहांगीर मोनिर ने अदालत को बताया कि यूपी राजस्व संहिता, 2006 की धारा 31/32 के तहत राज्य द्वारा दायर मुकदमे में 19 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ आदेश पारित किया गया था।

इसके विरुद्ध कमिश्नर, गोरखपुर मंडल के समक्ष अपील दाखिल की गई है, जिसमें अंतरिम राहत का आवेदन भी लंबित है। आरोप लगाया गया कि अपील लंबित रहने के बावजूद 11 जनवरी 2026 को मजार और कब्रिस्तान के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया गया।हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर अपीलीय अधिकारी के समक्ष अंतरिम राहत आवेदन की शीघ्र सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दे।

यह भी पढ़ें- Judicial Officer Transfer in UP : बड़े पैमाने पर न्यायिक अधिकारियों का कार्यक्षेत्र बदले, इलाहाबाद HC प्रशासन ने किया फेरबदल

साथ ही अपीलीय अधिकारी को आदेश दिया गया कि ऐसे आवेदन की प्राप्ति के तीन सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लें। अदालत ने कहा कि अगले पांच सप्ताह तक या अंतरिम आवेदन के निस्तारण तक, जो भी पहले हो, पक्षकारों के बीच वर्तमान स्थिति बनी रहेगी। राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति से याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल आदेश की सूचना देने के निर्देश भी दिए।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
167067