पंजाब में वर्षा-ओलावृष्टि, कई जिलों में घंटों बिजली रही बंद।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम में बड़ा बदलाव आया। बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों को प्रभावित किया। पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पंजाब के कई जिलों में तेज वर्षा हुई।
जालंधर, लुधियाना व मुक्तसर में ओलावृष्टि भी हुई है। जालंधर में लगभग 15 घंटे तक वर्षा से जलभराव हो गया। पठानकोट में सबसे अधिक 59.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। तापमान में भी 11 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से कई शहरों में 10 से 15 घंटे तक बिजली बंद रही।
मौसम विभाग ने शनिवार को भी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटियाला के नाभा में खंभे में करंट आने से आईटीआई के छात्र भावेश की मौत हो गई। गुरदासपुर के गांव तिब्बड़ में बिजली गिरने से शेड गिर गई, जिससे मलबे में दबने से करीब आठ हजार चूजे मर गए।
हिमाचल के शिमला व मनाली शहर में सर्दी के सीजन में पहला हिमपात हुआ। वहां करीब एक फीट हिमपात हुआ। डल्हौजी में भी बर्फबारी हुई। पंजाब सहित कई राज्यों से पहुंचे पर्यटक बर्फ के साथ मस्ती करते रहे। मां वैष्णो देवी भवन पर भी हिमपात हुआ। श्रीनगर एयरपोर्ट पर बर्फ गिरने से उड़ानें रद रहीं। मौसम विभाग ने हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की है।
कृषि विभाग ने इस वर्षा को गेहूं की खेती के लिए लाभकारी बताया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे ही वर्षा जारी रही तो खेतों में पानी खड़ा होने पर यह वर्षा आलू की फसल के लिए हानिकारक हो सकती है। |
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