छात्रों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस। (जागरण)
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। पटना विश्वविद्यालय के सीवी रमन हॉस्टल पर मंगलवार की देर रात हुई बमबाजी की घटना को लेकर सुल्तानगंज थाना पुलिस ने बुधवार को विभिन्न छात्रावासों में सर्च ऑपरेशन चलाकर हथुआ छात्रावास से 40 छोटा सुतरी बम बरामद किया।
सुल्तानगंज थाना पुलिस ने बम निर्माण का सामान बरामद करते हुए कमरा संख्या 11 से सात छात्रों को गिरफ्तार किया। नगर पुलिस अधीक्षक मध्य दीक्षा ने बताया कि मामले में पीरबहोर थाना में दर्ज कांड संख्या 52/ 2026 में चार -पांच लोगों को नामजद किया गया है। गिरफ्तारों से पूछताछ जारी है। सभी गिरफ्तार छात्रों की उम्र 19 से 20 साल है।
मंगलवार की देर रात सीवी रमन छात्रावास का एक छात्र महिला मित्र के साथ काफी हाउस में काफी पीने कृष्णा घाट गया था। जैक्सन छात्रावास के तृतीय वर्ष के छात्रों के छेड़खानी करने पर पीरबहोर थाना क्षेत्र के कृष्णा घाट पर छात्रों के दो गुटों में मारपीट हुई। पुलिस ने समझा कर मामला शांत कराया।
बाद में जैक्सन छात्रावास के छात्रों ने देर रात सीवी रमन छात्रावास की चारदीवारी पर चार सुतली बम फोड़ कर दहशत फैला दिया। आक्रोशित छात्रों ने फायरिंग कर क्षेत्र में अफरातफरी मचा दी। हवाई फायरिंग करने की घटना से पुलिस इनकार कर रही है।
छात्रावास पर हुई बमबाजी की घटना के बाद एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न थानों की पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी छात्र फरार हो गए थे।
इस संबंध में सीवी रमन छात्रावास के छात्र व घटना के प्रत्यक्षदर्शी छत्रपति कुमार ने जैक्सन छात्रावास के छात्रों द्वारा आधा दर्जन बम फोड़ने तथा छात्रों द्वारा फायरिंग करने की भी बात कही। छात्रों की माने तो मारपीट में दो छात्र घायल भी हुए।
पटना सिटी के अपर पुलिस अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बुधवार को बताया कि मामले में सात छात्रों को गिरफ्तार कर हथुआ छात्रावास से 40 सुतली बम व बम निर्माण की सामग्री बरामद किया गया है।
हथुआ छात्रावास के कमरा संख्या-11 में सात छात्र बना रहे थे बम
सुल्तानगंज थानाध्यक्ष कुमार रौशन ने प्राथमिकी में बताया है कि आधा दर्जन दारोगा के साथ मंगलवार की रात 10:35 बजे लॉ कालेज घाट पहुंचे। इसी दौरान सूचना मिली कि सीवी रमण छात्रावास पर जैक्शन छात्रावास के छात्रों द्वारा बम विस्फोट किया गया है।
उसके बाद मामले की सूचना वरीय पदाधिकारियों को देते हुए बुधवार की दोपहर लगभग 12:20 बजे हथुआ छात्रावास के भूतल पर स्थित कमरा संख्या-11 में जब पुलिस पहुंची तो देखा कि उस कमरा में सात छात्र संदिग्धावस्था में बैठकर कुछ बना रहे हैं।
बीच में माचिस का डिब्बा व बम बनाने के उपयोग में प्रयुक्त आपत्तिजनक सामान दिखे। पुलिस को देख कमरा से भाग रहे सातों छात्रों पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारों युवकों में बक्सर के तीन, सुपौल, जहानाबाद, नालंदा व अरवल के एक-एक छात्र
गिरफ्तार छात्रों में सुपौल जिला के किसनपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया निवासी 19 वर्षीय सौरभ कुमार, जहानाबाद जिला के पारसबिगहा थाना के मंदिलचक निवासी 20 वर्षीय शुभम कुमार, बक्सर जिला के डुमराव थाना क्षेत्र 20 वर्षीय सुमित कुमार, बक्सर के इटारी थाना क्षेत्र के 19 वर्षीय मोहित कुमार, नालंदा जिला के हिलसा थाना क्षेत्र 19 वर्षीय दीपक कुमार, बक्सर जिला के इटारी थाना क्षेत्र के बसुधर निवासी 19 वर्षीय प्रणव कुमार सिंह, अरवल जिला के करपी थाना क्षेत्र के करवा बलराम निवासी 19 वर्षीय विवेक कुमार हैं। सभी छात्र वर्तमान में हथुआ छात्रावास में ही रह रहे थे।
तलाशी के दौरान 40 सुतली बम व बम बनाने की अन्य सामग्री जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने हथुआ छात्रावास के कमरा संख्या 11 से 40 पीस लाल रंग का छोटा सुतली बम, एक प्लास्टिक में माचिस की तिल्ली 174 ग्राम बारूद, एक प्लास्टिक में बिना बारूद के 184 ग्राम माचिस की तिल्ली, एक प्लास्टिक के डब्बा में 68 ग्राम लोहे का छोटा कील, 125 पीस माचिस, 118 पीस माचिस का खाली डब्बा, 500 एमएल के प्लास्टिक बोतल में लगभग 400 एमएल पेट्रोल, 50 पीस रौल कैप्स, तीन फीट की एक लाठी में पचास ग्राम सुतली लपेटा तथा 120 ग्राम सुतली बरामद किया।
सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने के लिए करना था प्रयोग
बरामद सुतरी बम व बम निर्माण में उपयोग के लिए आपत्तिजनक सामान के बारे में पूछताछ करने पर युवकों ने बताया कि हमलोग यह सामान जमाकर बम बना रहे थे। उसे सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए प्रयोग में लाते।
बम निर्माण के लिए आपत्तिजनक सामान रखना व बम बनाना एक संज्ञेय अपराध है। पटना विश्वविद्यालय के हथुआ छात्रावास के सातों छात्रों को पुलिस जब्त सामान के साथ धारा 4(ए)(बी)/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर थाना लाई। बुधवार को दर्ज सुलतानगंज थाना कांड संख्या 34/ 2026 का अनुसंधान पंकज कुमार पासवान कर रहे हैं। |
|