लूटे गए हथियारों से बांग्लादेश चुनावों में हिंसा की आशंका बढ़ी (फोटो- रॉयटर)
पीटीआई, ढाका। बांग्लादेश में 2024 के दंगों के दौरान लूटे गए लगभग 15 प्रतिशत हथियारों और 30 प्रतिशत गोला-बारूद का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। इनमें राइफलें, मशीन गन, शाटगन, पिस्तौल, आंसू गैस लांचर और अन्य हथियार शामिल हैं। ऐसे में सुरक्षा विशेषज्ञों ने आम चुनावों से पहले इन हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित हिंसा में संभावित वृद्धि को लेकर चिंता जताई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में जुलाई-अगस्त के विद्रोह के दौरान सरकारी प्रतिष्ठानों पर व्यापक हमलों के बाद देश भर में थानों, चौकियों, वाहनों और जेलों से 5,753 हथियार और लगभग 6,51,609 राउंड गोला-बारूद लूटा गया। उस छात्र विरोध के कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई।
एक साल तक इन हथियारों की रिकवरी के लिए चलाए गए अभियान के बावजूद 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत तक कम से कम 1,362 हथियार और अनुमानित 2,50,000 राउंड गोला-बारूद अभी भी बरामद नहीं हो पाए हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में अचानक वृद्धि और लूटे गए हजारों हथियारों का अभी तक कोई हिसाब न मिलना गंभीर चिंता का विषय हैं।
पूर्व पुलिस महानिरीक्षक मुहम्मद नूरुल हुदा ने बताया, \“\“\“आसन्न चुनावों में हिंसा की आशंका के मद्देनजर लूटे गए हथियार वास्तव में एक गंभीर चिंता का विषय हैं। समग्र सुरक्षा स्थिति अभी तक पूरी तरह से स्थिर नहीं हुई है, और हाल के महीनों में हुईं कई राजनीतिक हत्याओं में हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।\“\“\“
अपराधों में भारी वृद्धि
पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि देशभर में चोरी, डकैती, लूटपाट, डकैती और अपहरण के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। 2025 में देशभर में 1,935 डकैती के मामले दर्ज किए गए, जो 2024 की तुलना में 37 प्रतिशत की वृद्धि है।
अपहरण के मामलों में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पिछले वर्ष 1,101 मामले दर्ज किए गए। पिछले साल देशभर में 3,786 हत्या के मामले दर्ज किए गए, जो 2024 की तुलना में 354 अधिक हैं।
हत्या मामले में फैसला टला
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के ¨हसक छात्र प्रदर्शनों के दौरान छह लोगों की हत्या के मामले में मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ निर्धारित फैसले को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया। इस मामले में फैसला 26 जनवरी को सुनाया जाएगा।
यूनुस सरकार पर दबाव
राजनीतिक दलों द्वारा अंतरिम सरकार को आम चुनावों की निष्पक्षता पर चेतावनी जारी करने की प्रवृत्ति में कमी आने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। चुनावों में केवल कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में राजनीतिक दलों ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को कड़ी \“\“चेतावनी\“\“ देना शुरू कर दिया है और चुनावों के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
\“ईशनिंदा\“ में शिक्षक बर्खास्त
ढाका स्थित एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी के दो शिक्षकों को \“\“ईशनिंदा\“\“ के आरोपों और \“\“अवामी लीग समर्थक\“\“ करार दिए जाने के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए शिक्षक सहायक प्रोफेसर लाएका बशीर और एसोसिएट प्रोफेसर एएसएम मोहसिन हैं। दोनों ही बुनियादी विज्ञान और मानविकी विभाग से संबद्ध हैं। |
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