भारत में बड़े हमले की साजिश रच रहे लश्कर-जैश (फाइल फोटो)
नवीन नवाज, जागरण, श्रीनगर। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद निकट भविष्य में जम्मू-कश्मीर समेत देश के किसी बड़े शहर में कोई बड़ा आतंकी हमला कर सकते हैं। इस हमले के लिए पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई इन दोनों आतंकी संगठनों की पूरी मदद कर रही है।
पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर ने कथित तौर पर इसी षड्यंत्र को अमली जामा पहनाने के लिए लश्कर और जैश के कमांडरों के साथ एक बैठक के बाद उन्हें जिहादी गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि भारतीय सुरक्षाबल पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के किसी भी षड्यंत्र को नाकाम बनाने को सजग हैं।
जैश भारत के खिलाफ जिहादियों की नई फौज तैयार करने के लिए गुलाम जम्मू-कश्मीर के हट्टियां बाला क्षेत्र में आयत अल जिहाद कैंप के आयोजन कर रहा है, जबकि लश्कर का एक सरगना (माटीवेटर) हाशिम इलाही जहीर चंदा उगाहने के लिए अमेरिका के दौरे पर है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर बीते महीने तक आतंकी संगठनों से कथित तौर पर दूरी बनाए हुए नजर आ रहे थे और इन संगठनों की गतिविधियों को उन्हीं इलाकों में किया जा रहा था, जो पाकिस्तानी सेना के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से दूर थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो आसिम मुनीर ने इसी महीने के दूसरे सप्ताह में लश्कर और जैश के कुछ प्रमुख कमांडरों के साथ एक बैठक की है। इस बैठक में आईएसआई के कश्मीर के लिए बनाए गए षड्यंत्रकारी भी मौजूद थे। यह बैठक कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों की गतिविधियों को फिर से गति देने और किसी बड़े हमले को अंजाम देने पर केंद्रित रही है।
सूत्रों ने बताया कि इस बैठक के बाद से लश्कर और जैश की गतिविधियों में तेजी आई है। जैश इसी महीने गुलाम जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों में जिहादी मानसिकता पैदा करने के लिए दो शिविर आयोजित किए थे, अब आयत अल जिहाद कैंप का आयोजन कर रहा है। यह कैंप गुलाम जम्मू-कश्मीर के हट्टिया बाला इलाके में जामिया मस्जिद साद बिन खैथमा में 24 से 30 जनवरी तक चलेगा। इस कैंप के लिए गुलाम जम्मू-कश्मीर में व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
इसी दौरान लश्कर का एक नामी माटीवेटर हाशिम इलाही जहीर को अमेरिका भेजा गया है। वह वहां अक्सर हाफिज सईद, तल्हा सईद और कारी याकूब के साथ रहता है। हाशिम इलाही अमेरिका के विभिन्न इलाकों में मस्जिदों में जाकर जिहादी भाषण करते हुए कश्मीर जिहाद के नाम पर चंदा जमा कर रहा है।
साजिशें पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की मिलीभगत के बिना संभव नहीं
जम्मू-कश्मीर मामलों के जानकार डॉ. अजय च्रुंगु ने कहा कि जैश और लश्कर को पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है, लेकिन जिस तरह से गुलाम जम्मू-कश्मीर में इन दोनों आतंकी संगठनों की गतिविधियां बढ़ रही हैं और जिस तरह से लश्कर का एक मौलवी अमेरिका में जिहादी प्रचार के लिए गया है, क्या वह पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की मिलीभगत के बिना संभव है।
पाकिस्तान की कश्मीर नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। वह जम्मू-कश्मीर में और देश के अन्य हिस्सों मे कोई बड़ी वारदात के लिए आतंकी संगठनों का इस्तेमाल करने की फिराक में है। जैश और लश्कर को संयुक्त राष्ट्र ने आतकी संगठन घोषित कर रखा है और उसके बाद ये दोनों संगठन वहां खुलेआम सक्रिय है। |
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