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सपा vs भाजपा: नामांकन के दौरान भिड़े दिग्गज, विधायक के बेटे के साथ हाथापाई के बाद भारी पुलिस बल तैनात

Chikheang 2026-1-20 20:57:40 views 633
  

बवाल के दौरान जमा भीड़



जागरण संवाददाता, गुन्नौर (संभल)। उत्तर-प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के शाखा प्रतिनिधि चुनाव में बवाल हो गया। नामांकन को लेकर सपा और भाजपा समर्थकों में कहासुनी हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव के पुत्र अखिलेश यादव के साथ भी मारपीट की गई है।

उसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। माहौल बिगड़ने पर पुलिस-प्रशासन ने हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ा और फिर शांति व्यवस्था बनाई। उधर, पुलिस ने पूर्व मंत्री अजीत उर्फ राजू और विधायक पुत्र को पांच-पांच लाख और 23 लोगों को दो-दो लाख के मुचलकों से पाबंद किया है।

मंगलवार को उत्तर-प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के शाखा प्रतिनिधि पद के लिए नामांकन प्रक्रिया थी। सुबह दस से तीन बजे तक चली इस प्रक्रिया में भाजपा समर्थक व पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव के साथ पहुंचे प्रत्याशी चंद्रभान ने अपना नामांकन कर दिया।

फिर दोपहर में सपा विधायक के पुत्र अखिलेश यादव भी अपने समर्थकों के साथ दो प्रत्याशी योगेंद्र व उनकी भाभी ममता को लेकर नामांकन कराने के लिए पहुंचे। वहां पर कार्यालय का गेट बंद था। गेट खोलने को लेकर दोनों दलों के समर्थकों में विवाद हो गया। इस दौरान एसडीएम अवधेश वर्मा, सीओ आलोक सिद्धू के अलावा कई पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।

इसी बीच कहासुनी शुरू हुई और फिर माहौल बिगड़ने लगा। तभी एक भाजपा समर्थक ने विधायक पुत्र पर हाथ छोड़ दिया। फिर दोनों पक्षों के लोग भिड़ गए और ब्लाक परिसर में ही मारपीट शुरू हो गई। तत्काल हरकत में आई पुलिस ने बवालियों को फटकारते हुए ब्लाक परिसर खाली करवाते हुए माहौल को शांत किया।

वहीं तनातनी को देखते हुए आसपास के अन्य थानों की पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। माहौल शांत होने के बाद प्रशासन ने सपा खेमे के दोनों प्रत्याशियों का भी नामांकन करवा दिया। आरओ तहसीलदार रविंद्र विक्रम ने बताया कि तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। अब बुधवार को जांच की जाएगी।
विधायक पुत्र ने लगाया आरोप, पूर्व मंत्री ने नहीं उठाया फोन

इस प्रकरण के बाद विधायक पुत्र अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भाजपा के लोग नामांकन नहीं करने दे रहे थे। अंदर जाने पर उन लोगों ने हमला किया। बाद में नामांकन करवाया गया है। आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन भी उन्हीं का साथ दे रहा था। उधर, पूर्व मंत्री अजीत उर्फ राजू यादव से संपर्क करने का प्रयास किया मगर, उन्होंने काल रिसीव नहीं की।

  


नामांकन की प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के लोगों में मारपीट के प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलती है तो उस हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल माहौल शांत है। पूर्व मंत्री अजीत उर्फ राजू और विधायक पुत्र को पांच-पांच लाख और 23 लोगों को दो-दो लाख के मुचलकों से पाबंद किया है।

- केके बिश्नोई, एसपी, संभल।





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