Robin Uthappa ने कोच गौतम गंभीर का नहीं दिया साथ
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Robin Uthappa on Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर निशाने में हैं। उन्होंने अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में भारत को एक आईसीसी ट्रॉफी और एशिया कप 2025 का खिताब जिताया है, लेकिन कुछ बड़े मैचों में भारत की हार की वजह से उनकी कोचिंग पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार यानी 18 जनवरी 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर पहली बार वनडे सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद कोच गंभीर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने अलग-अलग फॉर्मेट (Splitting Coaching Team India) के लिए अलग कोच रखने की बात कही है। उथप्पा पहले कोलकाता नाइट राइडर्स में गौतम गंभीर के साथ खेल चुके हैं। अब जब हर तरफ कोच गंभीर की आलोचना हो रही है, तो उनके इस बयान ने हर किसी का ध्यान खींच लिया हैं।
Robin Uthappa ने कोच गंभीर का नहीं दिया साथ
दरअसल, अपने यूट्यूब चैनल पर उथप्पा ने कहा कि भारत बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलता है और एक ही कोच के लिए हर फॉर्मेट पर बराबर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा,
एक केक को काटने के कई तरीके होते हैं। मैं अलग-अलग फॉर्मेट के लिए कई कोच रखने के लिए पूरी तरह तैयार हूं -
रॉबिन उथप्पा
उन्होंने आगे कहा,
भारत बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलता है। जब आप एक फॉर्मेट से दूसरे फॉर्मेट में जाते हैं, तो ऐसा लगता है कि दिमाग भी थक जाता है। कभी-कभी आप इतने व्यस्त हो जाते हैं कि एक समय में एक फॉर्मेट से निपटते हुए आप दूसरे फॉर्मेट के लिए सच में तैयारी नहीं कर पाते। इसलिए आप चाहते हैं कि आपके पास माइंडसेट और एनर्जी में ताजगी बनी रहे। उस नजरिए से, मुझे लगता है कि यह (स्प्लिट-कोचिंग) काम करना चाहिए। -
रॉबिन उथप्पा
उथप्पा ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसा फैसला टीम की एकजुटता को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने साथ ही कहा,
यह कोई आसान फैसला नहीं है। आपको उन्हें मिलकर और साथ में काम करने की जरूरत है। अगर वे सब एक-दूसरे के खिलाफ काम करेंगे, तो सबको नुकसान होगा। तालमेल बिठाकर काम करना जरूरी हो जाता है। -
रॉबिन उथप्पा
उन्होंने आगे कहा कि कम्युनिकेशन लाइनें हर समय खुली रहें, यह जानना कि कब कौन लीड लेगा और कौन पीछे रहेगा, इसकी अहमियत जानना। यह मुमकिन है, लेकिन यह कुछ बड़ा बनाने की सोच से आना चाहिए।
इसके अलावा उथप्पा ने डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट सिस्टम का भी समर्थन किया। उनका मानना है कि अगर स्काउट्स अपनी रिपोर्ट डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट को दें और फिर डायरेक्टर और कोच मिलकर फैसले लें, तो टीम बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकती है।
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