दिल्ली में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की त्रैमासिक योजना है। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट की कमी बनी हुई है। 36,150 की कुल आवश्यकता के मुकाबले 8,849 चार्जिंग प्वाइंट ही उपलब्ध हैं। सरकार ने अब 27,000 से अधिक प्वाइंट की कमी को पूरा करने के लिए इस साल के लिए त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
योजना के अनुसार जनवरी से मार्च तिमाही में 1,000, अप्रैल से जून में 1,500, जुलाई से सितंबर में 2,300 और अंतिम तिमाही में 2,200 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इन अतिरिक्त स्टेशनों के माध्यम से शहर में चार्जिंग प्वाइंट की 27,000 से अधिक प्वाइंट की कमी को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही इस साल 100 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी बढ़ेंगे।
कब लागू होगी ईवी नीति 2.0?
बता दें कि दिल्ली सरकार शहर के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए इस वर्ष 7,000 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा मार्च तक दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2.0 को अधिसूचित किए जाने की उम्मीद है।
नई ईवी नीति पीएम ई-ड्राइव योजना के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान करेगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल अतिरिक्त स्टेशनों के जुड़ने से शहर में चार्जिंग स्टेशनों की कुल संख्या साल के अंत तक 16,000 से अधिक हो जाएगी।
बैटरी स्वैपिंग के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसम्बर 2025 तक शहर में 893 स्टेशन थे। जबकि 1500 स्टेशनों की आवश्यकता है। सरकार की योजना दिसंबर तक 2026 तक संख्या को 1,268 तक बढ़ाने की योजना है।
इसमें पहली और दूसरी तिमाही में 25-25 स्टेशन और तीसरी और चौथी तिमाही में निधारित लक्ष्य के बचे हुए स्टेशन बनेंगे। दिल्ली में पिछले वर्ष 83,423 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। |