सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। हाईवे स्थित बस स्टैंड (जयसिंहपुरा) पर बसों के आवागमन को बेहतर करने के लिए मार्ग चौड़ा किया जाना है। पराग डेरी की 1470 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहण की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भूमि पर कब्जा ले लिया है।
बसों का मार्ग बनाने के लिए 36 पेड़ काटे जाएंगे। वन विभाग की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में फाइल लगाई है। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने पर मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो सकेगा।
कान्हा की नगरी में जाम से लोग परेशान हैं। नए बस अड्डे से बसों की संख्या कम करने के लिए हाईवे पर बस अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव किया गया था। वर्ष 2017 में बस स्टैंड का शिलान्यास हुआ और 2022 में तैयार हुआ। 17 करोड़ की लागत से पांच एकड़ भूमि में बस स्टैंड तैयार हुआ। ओवरब्रिज के कारण बसों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
दिल्ली की तरफ से आने वाली और आगरा की तरफ जाने वाली बसों को अंडरपास से निकलना पड़ता है। इस कारण सर्विस लेन से आने-जाने में दिक्कत होती है। बसों का प्रवेश बस स्टैंड में सुगम बनाने को पराग डेरी की 1470 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। 10 मीटर चौड़ा और 147 मीटर लंबा मार्ग तैयार किया जाएगा।
बस स्टैंड के लिए रास्ता बनाने के लिए 4.19 करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भूमि पर कब्जा ले लिया है। मार्ग के निर्माण में 36 पेड़ आड़े आ रहे हैं। पेड़ काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी गई है।
एआरएम एमएम शर्मा ने बताया कि भूमि की जल्द रजिस्ट्री करा ली जाएगी। बस अड्डे के लिए प्रवेश मार्ग बनाने में 36 पेड़ काटे जाने हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांंगी गई है। |
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