कपड़े धोने के वास्तु टिप्स (Image Source: Freepik)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम सफाई को स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखते हैं, जो सही भी है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, हर दिन कपड़े धोना हमेशा शुभ नहीं होता? अनजाने में की गई यह गलती आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती है और आर्थिक तंगी यानी कंगाली का कारण बन सकती है।
आइए जानते हैं कि कपड़े धोने को लेकर शास्त्रों के क्या नियम हैं। और, आपको अपनी कौन सी आदतें आज ही बदल लेनी चाहिए।
इन दिनों में कपड़े धोना माना जाता है अशुभ
प्राचीन मान्यताओं और वास्तु के अनुसार, सप्ताह के कुछ विशेष दिनों में कपड़े धोना वर्जित माना गया है:
गुरुवार (Thursday): गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का होता है। बृहस्पति को सुख, संपत्ति और संतान का कारक माना जाता है। इस दिन कपड़े धोने या साबुन का प्रयोग करने से कुंडली में गुरु कमजोर होता है, जिससे आर्थिक उन्नति रुक जाती है।
मंगलवार (Tuesday): मंगलवार का दिन ऊर्जा और साहस का होता है। इस दिन कपड़े धोने से घर में कलह-क्लेश की स्थिति बन सकती है और घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
शनिवार (Saturday): शनि देव के दिन तेल या गंदगी की सफाई से जुड़े काम सावधानी से करने चाहिए। कई विद्वानों का मानना है कि इस दिन पुराने कपड़ों को धोना या पानी की बर्बादी करना शनि दोष को निमंत्रण दे सकता है।
रात में कपड़े सुखाने की गलती न करें
ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूरज ढलने के बाद कपड़े धोना या बाहर सुखाना सबसे बड़ी चूक है। रात के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, जो कपड़ों के ज़रिए हमारे शरीर तक पहुँच सकता है। इसके अलावा, सूर्य की रोशनी (UV rays) न मिलने के कारण कपड़ों में सूक्ष्म कीटाणु रह जाते हैं, जो सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
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सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं ये नियम
सुबह का समय: हमेशा कोशिश करें कि कपड़े सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले धो लिए जाएं।
एकादशी और अमावस्या: इन विशेष तिथियों पर कपड़े धोने से बचना चाहिए।
नमक का प्रयोग: अगर आपको लगता है कि घर में तनाव है, तो कपड़े धोते समय पानी में चुटकी भर नमक डालना सकारात्मकता लाता है।
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