सांकेतिक तस्वीर।
जासं, मथुरा। मथुरा के सराफा जगत में व्यापारियों की चांदी लेकर कारोबारियों के फरार होने का नया मामला नहीं है। पूर्व में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पांच वर्ष पूर्व 1200 किलो चांदी लेकर एक कारोबारी फरार हुआ था। व्यापारियों ने मुकदमा भी दर्ज कराया। दो माह बाद कारोबारी वापस लौटा।
व्यापारियों ने बैठक कर 25 प्रतिशत माल देने पर सहमति बना ली और कार्रवाई से इन्कार कर दिया। मथुरा शहर में करीब 12 सौ सराफा व्यापारी हैं। इस कारोबार से एक हजार से अधिक लोग जुड़े हैं, जो व्यापारियों से जेवर खरीदकर कई राज्यों की मंडियों में ले जाकर बिक्री करते हैं।
लंबे समय से जुड़े होने के कारण विश्वास पर कच्चे कागज पर करोड़ों रुपये का व्यापार चल रहा है। करीब पांच वर्ष पूर्व महाविद्या कालोनी निवासी एक कारोबारी 25 व्यापारियों की करीब 1200 किलो चांदी लेकर अचानक लापता हो गया। व्यापारियों ने गोविंद नगर थाने में कारोबारी के खिलाफ मुकदमा कराया।
करीब दो माह बाद लापता कारोबारी वापस लौटा। फिर व्यापारियों ने आपस में बैठक कर 25 व्यापारियों को 25 प्रतिशत भुगतान की सहमति बनाई।
आठ वर्ष में दूसरी बार चांदी लेकर गायब हुआ एक कारोबारी
चांदी लेकर फरार चल रहा जयसिंहपुरा निवासी कारोबारी आठ वर्ष में दूसरी बार करोड़ों रुपये की चांदी लेकर फरार हुआ है। करीब आठ वर्ष पूर्व वह 700 किलो चांदी लेकर भागा था। दो माह बाद लौटा तो फिर सेटलमेंट हुआ।
40 वर्ष बाद चांदी में बड़ी उछाल, 3000 प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ी
चांदी में 40 वर्ष बाद बड़ी उछाल आई है। डेढ़ महीने में ही चांदी की कीमत दोगुणी हो गई। सराफा व्यापारियों ने बताया कि 21 नवंबर को चांदी की कीमत एक लाख 52 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी। 20 जनवरी को चांदी का भाव तीन लाख 22 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
40 वर्ष में पहली बार चांदी में बड़ी उछाल आई है। इस हिसाब से डेढ़ महीने में चांदी की कीमत तीन हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उछाल आया है। |
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