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प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, बागपत। पुलिस उत्पीड़न से आहत होकर एक युवक ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे जिला अस्पताल से रेफर किया गया। आरोप है कि पुलिस ने रुपये लेकर भी मुकदमे में क्लीनचिट नहीं दी। कोतवाली में बंद कर उसकी पिटाई की। वहीं पुलिस ने युवक के आरोप को गलत बताया है।
बागपत के मुहल्ला मुगलपुरा निवासी सीमा ने गत 31 अक्टूबर पर लाठी-डंडों से हमला कर पथराव करने का आरोप लगाते हुए मुहल्ले के फिरोज, उसकी पत्नी आसमा, भाई शकील, बेटी मुसरत व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपित फिरोज ने सोमवार देर शाम सोशल मीडिया पर लाइव होकर जहरीले पदार्थ का सेवन किया। इससे पहले आरोप लगाया कि एक दारोगा ने मुकदमे में क्लीनचिट देने के नाम पर रुपये लिए और कोई राहत नहीं दी। कुछ समय बाद दारोगा लाइन हाजिर हो गए थे।
मुकदमे की विवेचना महिला दारोगा का स्थानांतरण हो गया था। आरोप है कि महिला दारोगा ने भी उससे रुपये की डिमांड की। उसके साथ हुई मारपीट की 20 दिन पहले एसपी से शिकायत की थी, पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। वह शनिवार को दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए कोतवाली पर पहुंचा।
उसने सिर्फ यह कहा कि रुपये देने के बाद भी थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी बात पर उसके साथ पुलिस ने मारपीट की। उसकी मौत का जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा। वहीं घटना का पता चलते ही युवक को स्वजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार हायर सेंटर के लिए रेफर किया।
उधर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार का कहना है कि युवक के विरुद्ध करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए युवक ने ऐसा किया है। युवक की हालत ठीक है। |
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