search

Gig Workers: बिहार में गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का कवच, 90 दिन काम करने पर मिलेगा लाभ

deltin33 2026-1-20 11:56:39 views 1260
  



दीनानाथ साहनी, पटना। बिहार में गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने पहली बार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की ठोस पहल की है। 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश में गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 90 दिन काम करने की शर्त भी लागू होगी। श्रम संसाधन विभाग ने इससे जुड़ी नियमावली को अंतिम रूप दे दिया है।
अप्रैल से प्रभावी होगी नई नियमावली

श्रम संसाधन विभाग द्वारा तैयार नियमावली को चार केंद्रीय श्रम संहिताओं के अनुरूप बनाया गया है। यदि राज्य सरकार की मंजूरी समय से मिल जाती है, तो इसे तत्काल प्रभाव से भी लागू किया जा सकता है।

नियमावली के तहत गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य सुविधाएं, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे अहम प्रावधानों का लाभ मिलेगा।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा संरक्षण

श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद के अनुसार, केंद्र सरकार ने असंगठित कामगारों, गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तृत नियम तय किए हैं।

इन्हीं दिशानिर्देशों के आधार पर बिहार में यह नियमावली तैयार की गई है, ताकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा का संरक्षण मिल सके।
120 दिन काम की शर्त, दिन की गिनती का तरीका तय

नियमावली के मुताबिक, यदि कोई कामगार एक से अधिक एग्रीगेटर (संग्राहक) के साथ काम करता है, तो उसे अंतिम वित्तीय वर्ष में कम से कम 120 दिन काम करना अनिवार्य होगा।

इससे कम अवधि में काम करने वाले श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र नहीं होंगे। अधिसूचना के अनुसार, किसी एग्रीगेटर के साथ कुछ घंटों का काम भी एक कार्य दिवस माना जाएगा।

वहीं, यदि कोई कामगार एक ही दिन में तीन अलग-अलग एग्रीगेटर के साथ काम करता है, तो उसे तीन कार्य दिवस माना जाएगा।
एग्रीगेटर पर भी तय होगी जिम्मेदारी

हर एग्रीगेटर को गिग वर्कर्स से संबंधित विवरण तिमाही आधार पर पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित कामगार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित हो सकता है। इससे एग्रीगेटर की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
अलग सामाजिक सुरक्षा खाता होगा संचालित

नियमावली में गिग और प्लेटफार्म कामगारों के लिए अलग सामाजिक सुरक्षा खाता बनाने का प्रावधान किया गया है। यदि एग्रीगेटर समय पर अपना योगदान जमा नहीं करता है, तो उसे प्रति माह एक प्रतिशत ब्याज देना होगा।

अंतिम योगदान 30 जून तक और अंतिम विवरण 31 अक्टूबर तक जमा करना अनिवार्य होगा। अधिक भुगतान की स्थिति में 90 दिनों के भीतर रिफंड किया जाएगा।
स्व-घोषणा से होगा पंजीकरण

पात्र असंगठित कामगार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर स्व-घोषणा के आधार पर पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अनिवार्य होंगे।

श्रम संसाधन विभाग ने नियमावली पर 30 से 45 दिनों के भीतर हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि इसे और व्यावहारिक बनाया जा सके।

इस पहल से बिहार में लाखों गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477841