कुढ़नी अंचल में खाली पड़ी अंचलाधिकारियों की कुर्सी। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में \“सबका सम्मान, जीवन आसान\“ के तहत अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन सोमवार और शुक्रवार सहजता से लोगों की शिकायतें सुननी हैं। इसी क्रम में सोमवार से इसकी शुरुआत की गई। कुछ जगहों पर अधिकारी सहजता से उपलब्ध हुए, लेकिन दो प्रखंडों में उनकी कुर्सियां खाली रह गईं। जहां अधिकारी मिले, वहां लोगों ने अपनी पीड़ा सुनाई। निदान का आश्वासन मिला, किंतु जहां लंबी प्रतीक्षा के बाद भी सुनवाई नहीं हो सकी, फरियादी निराश लौट गए।
बताया गया कि 23 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आगमन होना है। इसके लिए जिले में तैयारियां चल रही हैं। अब्दुलनगर उर्फ माधोपुर पंचायत में शिविर लगाया गया था। डीएम समेत अन्य अधिकारी सुबह में शिविर में मौजूद थे। वहां से लौटने के बाद अधिकारियों ने लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। कुढ़़नी और बंदरा अंचल में अधिकारियों के नहीं रहने के कारण लोग निराश होकर लौट गए।
डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सभी अधिकारियों को कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। इस दौरान वे लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। विशेष परिस्थिति में ही कार्यालय छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कुढ़नी में अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व से तिथि निर्धारित थी। पुलिस बल भी पहुंच चुके थे। इसलिए अंचलाधिकारी को वहां जाना पड़ा। इसके अलावा अन्य कार्यालयों में अधिकारियों ने शिकायतों को सुना और उसका निष्पादन भी किया। जिला मुख्यालय में एसडीओ पूर्वी के अवकाश पर रहने के कारण लोग नहीं पहुंचे, जबकि डीसीएलआर, अपर समाहर्ता, भू-अर्जन कार्यालय समेत अन्य विभागों में लोगों ने पहुंचकर विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन दिया।
(काजीमोहम्मदपुर थाने में जनसंवाद करते सिटी एसपी। फोटो जागरण)
संवाद सहयोगी, मड़वन। अफसरों से सीधे मिलने का अधिकार लागू होने के प्रथम दिन प्रखंड व अंचल कार्यालय में फरियादियों की भीड़ लगी रही। अंचलाधिकारी ममता कुमारी ने बताया कि उन्होंने लगभग दो दर्जन लोगों की समस्याएं सुनीं और कई का आन द स्पाट निपटारा किया। इसके अलावा, प्रखंड विकास पदाधिकारी विनय कुमार ने भी अपने कक्ष में लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निपटारा किया।
बंदरा: बंदरा में अंचल अधिकारी जनता से नहीं मिले। कोर्ट में कार्य से पटना जाने के कारण उनकी कुर्सी खाली थी। उनके मुख्यालय से बाहर होने के कारण सुनवाई के लिए सीआइ रमेशचंद्र सिंह को अधिकृत किया था।इस दौरान भूमिविवाद से संबंधित आठ मामले आए। वहीं, बीडीओ, पीएचसी प्रभारी, बीपीआरओ, स्वच्छता विभाग,जीविका कार्यालय में पदाधिकारी मौजूद थे और जनसुनवाई कर रहे थे।
औराई: सोमवार को प्रखंड के सभी कार्यालय में अधिकांश पदाधिकारी उपस्थित थे। अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी गौतम कुमार सिंह के समक्ष नया गांव के नीरज कुमार दाखिल-खारिज की सुनवाई के लिए पहुंचे थे। वहीं गंगुली के राघवेंद्र कुमार का रैयती भूमि विवाद का सुनवाई हुआ। मिश्रौलिया के मो हारूण का दाखिल खारिज आपत्ति की सुनवाई हुई। इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष ,सीडीपीओ समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं व उसके समाधान का रास्ता निकाला।
सरैया: सरैया थाना परिसर में अपर थाना प्रभारी नौशाद आलम ने लोगों की समस्याएं सुनीं। सरैया अंचल में अंचलाधिकारी अंकित कुमार ने दिन के एक बजे के बाद लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं को सुना।
मीनापुर: सोमवार को अंचल कार्यालय खुलते हीं जमीन संबंधित विवाद को लेकर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मानिकपुर के ब्रज किशोर कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी निजी जमीन पर अंचल कार्यालय में तैनात गार्ड राम प्रसाद सहनी ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जिसकी आपत्ति सुनवाई के लिए सीओ ने बुलाया था। मिलने पहुंचे तो गार्ड ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया है।
मामले में सीओ कुणाल गौरव का कहना है कि वह नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान अंदर घुसने से गार्ड की ओर से रोक लगाने पर दोनो में बहस हुई थी। दूसरी तरफ आज 99 प्रतिशत मामले पुश्तैनी जमीन की जमाबंदी अलग करने को सामने आए हैं। उधर बीडीओ जिले में किसी मीटिंग में व्यस्त थे। एमओ प्रभात कुमार अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। |
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