वाराणसी और पूर्वांचल में मौसम का मिजाज बदला, पश्चिमी विक्षोभ का असर जल्द।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख अब दोबारा बदलाव की ओर होने जा रहा है। सोमवार दोपहर बाद तक आसमान में बादलों की सक्रियता का रुख बना रहा। दोपहर से शाम तक बादलों की आहट और अकुलाहट का जो दौर चला वह देर रात तक परिलक्षित होता रहा। शाम होते ही गलन का असर भी प्रभावी हुआ और हाथ पैर ठंडे होने पर लोग राहत की जुगत में भी लगे नजर आए। मौसम विभाग ने हालांकि 23 जनवरी से मौसम का रुख बदलने की संभावना जताई है।
जबकि सोमवार देर रात पश्चिमी विक्षोभ का एक असर पहाड़ों के करीब तक जा पहुंचा है। वहीं मंगलवार की सुबह हल्के कोहरे में घुली रही। हवाओं का रुख सुस्त रहा तो वातावरण में गलन का असर सुबह होने के बाद कम होता चला गया। पूर्वांचल के कुछ क्षेत्रों में कोहरा रहा जो दिन चढ़ने के साथ खत्म होता चला गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के बाद से मौसम में दोबारा बदलाव का संकेत दिया है। दिन चढ़ा तो लोगों को ठंड से कुछ राहत भी मिली।
बीते दिनों से पहाड़ों पर रह-रहकर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में नजर तो आया और गलन ने भी दोबारा पांव पसार लिए। वातावरण दोबारा रविवार से बदलना शुरू हुआ जो सोमवार को भी जारी रहा और दिन में बादलों की सक्रियता भी नजर आई। वहीं रात में भी बादलों का असर बना रहा। लेकिन आर्द्रता का सहारा नहीं मिलने की वजह से बादलों का प्रसार नहीं हो सका। इसकी वजह से दोपहर में सूरज का ताप भी थमा और गलन का कुछ असर भी शाम होते होते दिखने लगा।
सोमवार को दिन में अधिकतम तापमान 26.4°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 9.0°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 60% और अधिकतम 95% दर्ज की गई। आर्द्रता में इजाफा न हो पाने की वजह से बादलों की सक्रियता अधिक प्रभावी तो नहीं रही लेकिन तापमान में इजाफा दिन में हो गया। लेकिन शाम को मौसम का रुख दोबारा बदला और गलन का असर शुरू हो गया।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के आने की संभावना है, जिससे 23जनवरी को कुछ जगहों पर भारी वर्षा/बर्फबारी हो सकती है। 22 से 24 जनवरी के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के आस-पास के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावनाहै। अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की बहुत अधिक संभावना है। |
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