फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील ने अपने जमशेदपुर स्थित कॉम्पैक्ट स्ट्रिप प्रोडक्शन (CSP) प्लांट में व्यापक आधुनिकीकरण के बाद पहली \“कॉयल\“ का सफल उत्पादन किया है। एसएमएस ग्रुप (SMS Group) के तकनीकी सहयोग से किए गए इस अपग्रेड के बाद अब प्लांट की कार्यक्षमता विश्वस्तरीय हो गई है।
प्लांट के ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- नया एफ-7 फिनिशिंग स्टैंड: प्लांट में एक अतिरिक्त एफ-7 फिनिशिंग स्टैंड जोड़ा गया है, जिससे स्टील की फिनिशिंग और बेहतर होगी।
- एक्स-पैक्ट ऑटोमेशन सिस्टम: पुराने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को हटाकर पूरी तरह से नया \“एक्स-पैक्ट\“ ऑटोमेशन सिस्टम लगाया गया है।
- अत्यंत बारीक उत्पादन: इस अपग्रेड के बाद अब यह प्लांट 1 मिलीमीटर (1 mm) तक की अत्यंत पतली स्टील स्ट्रिप्स बनाने में सक्षम हो गया है।
बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन वर्ष 2011 में स्थापित इस सीएसपी प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 मिलियन टन है। नए अपग्रेड में रोल बदलने के उपकरणों और कूलिंग सिस्टम को भी आधुनिक बनाया गया है। इससे मिल स्टैंड एफ-1 से एफ-5 तक लोड का बेहतर संतुलन बना रहेगा। इससे कठोर धातुओं और चौड़ी स्ट्रिप्स की रोलिंग करना आसान होगा। टाटा स्टील के अनुसार, इस निवेश और आधुनिकीकरण का मुख्य उद्देश्य बाजार की बदलती मांगों के अनुरूप सटीक, मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाले स्टील का उत्पादन करना है। |
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