विधि संवाददाता, देवरिया। औद्योगिक प्लाट आवंटन के मामले में 10 दिसंबर से देवरिया जेल में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह की अदालत से सोमवार को जमानत मिल गई। अदालत ने अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। जमानत आदेश के बावजूद अमिताभ ठाकुर की शीघ्र रिहाई के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
धोखाधड़ी करके औद्योगिक प्लाट आवंटित कराने के आरोप में शाहजहांपुर से गिरफ्तार किए गए अमिताभ ठाकुर को एक करीब एक महीने बाद जनपद न्यायाधीश की अदालत से राहत मिल गई।
मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर रिहा करने का आदेश
अदालत ने शर्तों के अधीन अमिताभ ठाकुर को एक लाख रुपये के दो जमानतदार व इतने का ही व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने के बाद संबंधित मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
अमिताभ ठाकुर को लखनऊ के गोमती नगर थाने से वारंट बी के मामले में लखनऊ तलब किया गया है। ऐसे में अगर अमिताभ ठाकुर की रिहाई जेल से होती भी है तो उन्हें पुलिस अभिरक्षा में लखनऊ जेल भेजा जाएगा।
क्योंकि उनका वारंट बी जिला जेल व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्राप्त हो चुका है। जनपद न्यायाधीश ने नूतन ठाकुर के अग्रिम जमानत के लिए आधार पर्याप्त नहीं पाए जाने पर उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। |
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