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19 दिन बाद खुले स्कूल, बच्चों को पढ़ाते अध्यापक। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। करीब 19 दिन की शीतकालीन छुट्टियों के बाद सोमवार को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में चहल-पहल लौट आई। लंबे अवकाश के बाद जब विद्यार्थियों ने स्कूल की चौखट पर कदम रखा तो कक्षाओं में गूंजती बच्चों की आवाज एक बार फिर सुनाई दीं।
वहीं, कई स्कूलों में पहले दिन बच्चों की संख्या सामान्य से कम दर्ज की गई। शिक्षा विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों में औसतन 30 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई, जबकि निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या ठीक नजर आई।
सरकारी स्कूलों में जहां उपस्थिति 70 प्रतिशत के बीच रही, वहीं कुछ निजी स्कूलों में यह आंकड़ा ठीक नजर आया। दरअसल कुछ विद्यार्थी अपने नाना या बुआ के पास गए हुए थे ऐसे में वो नहीं आए है। कुछ विद्यार्थियों ने गृहकार्य भी नहीं किया है। ऐसे में वो स्कूल नहीं आए ताकि अध्यापक उनकी परेड न कर दे। ऐसे में विद्यार्थियों की संख्या कम मानी जा रही है।
विभाग ने उपस्थिति दर्ज कराने के दिए निर्देश
सर्दी की छुट्टियों के बाद पहले ही दिन शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को निर्देश जारी किए गए। सभी विद्यालयों को बच्चों की उपस्थिति का ब्योरा एमआइएस पोर्टल और डीएमएस पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट करने को कहा गया है।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सर्दी के बाद स्कूल खुलने का प्रभाव और उपस्थिति का पैटर्न आंकड़ों के माध्यम से समझा जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार आगे की रणनीति बनाई जा सके।
गांवों में बना उल्लास का माहौल
जैसे ही सुबह बच्चे बस्ते लेकर स्कूल पहुंचे, स्कूल गेट पर शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। कक्षाओं में प्रवेश करते ही छात्रों में पहले दिन का उत्साह साफ दिखाई दिया। कई विद्यालयों में क्लासेस शुरू होने से पहले असेंबली के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों से अवकाश के अनुभव भी साझा करवाए।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच पहले दिन बातचीत का सिलसिला भी खूब चला। किसी ने बताया कि वह मामा के घर गया था, किसी ने उत्साह से बताया कि वह बुआ से मिलने गया।
कई बच्चों ने छुट्टियों में अपने गांव, रिश्तेदारों और खेल-कूद के अनुभव साझा किए। शिक्षकों का कहना था कि अवकाश के बाद पहले दो-तीन दिन बच्चों को पढ़ाई के माहौल में वापसी कराने में लगते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में बच्चों का उत्साह मददगार रहता है।
शीतकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुल गए है। जब लंबा अवकाश होता है तो पहले दिन बच्चों की संख्या कम होती है। ऐसे में अब आदेश दिए गए है कि पोर्टल पर हाजिरी अवश्य डाले ताकि डाटा उपलब्ध हो सके।
- संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी। |
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