cy520520 • 2026-1-19 12:26:37 • views 826
जिला खनन कार्यालयों में जमे डाटा इंट्री आपरेटरों का होगा तबादला
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Mining Office Data Entry Operator Transfers: खान एवं भू-तत्व विभाग के जिला खनन कार्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित डाटा इंट्री आपरेटरों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। विभाग ने इस दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी जिलों से ऐसे डाटा इंट्री आपरेटरों की सूची मांगी गई है, जो तीन वर्ष, पांच वर्ष अथवा उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में तैनात हैं। सूची प्राप्त होते ही इन कर्मियों का तबादला किया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कदम जिला खनन कार्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मियों के कारण कार्यालयों में एकाधिकार की स्थिति बन गई है।
इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता प्रभावित हो रही थी, बल्कि कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए तबादला प्रक्रिया को गति देने का निर्णय लिया है।
खान एवं भू-तत्व विभाग अब डाटा इंट्री आपरेटरों के लिए एक स्थायी और स्पष्ट तबादला नीति भी तैयार कर रहा है। इस नीति के तहत एक निश्चित मापदंड तय किया जाएगा, जिसके आधार पर नियमित अंतराल पर इन कर्मियों का स्थानांतरण अनिवार्य होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नया मापदंड मार्च 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद किसी भी डाटा इंट्री आपरेटर को लंबे समय तक एक ही जिला खनन कार्यालय में तैनात नहीं रखा जाएगा।
विभाग का मानना है कि निर्धारित समयावधि पर तबादले से न केवल कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि कार्यों में निष्पक्षता और दक्षता भी सुनिश्चित होगी।
लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात रहने से किसी एक व्यक्ति के पास संवेदनशील डाटा और प्रक्रियाओं पर अत्यधिक नियंत्रण की स्थिति बन जाती है, जिससे गड़बड़ियों की आशंका रहती है। नियमित तबादले से इस तरह की स्थिति को रोका जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि तबादला प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की मनमानी या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होगी।
विभागीय स्तर पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी, ताकि सभी जिलों में समान रूप से नीति लागू हो सके। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से जिला खनन कार्यालयों के कामकाज में सुधार आएगा और खान एवं भू-तत्व विभाग की छवि और अधिक मजबूत होगी। |
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