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जमशेदपुर में मीट-मुर्गा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी, FSSAI लाइसेंस अनिवार्य; खुले में बिक्री पर रोक

Chikheang 2026-1-18 21:56:36 views 966
  

खुले में नहीं बिकेंगे मांस। (सांकेतिक फोटो जागरण)



जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मीट और मुर्गा दुकानों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण के मीट-मुर्गा दुकान चलाना दंडनीय अपराध होगा।

साथ ही खुले में मांस काटने या लटकाकर बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि मीट या मुर्गा दुकान संचालित करने से पहले दुकानदारों को एफएसएसएआई खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

इसके लिए स्थानीय निकाय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना भी जरूरी होगा। बिना अनुमति के व्यवसाय करने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मीट दुकानों की लोकेशन को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं।

मीट दुकान किसी धार्मिक स्थल से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर होगी। यदि दुकान धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार के सामने पड़ती है, तो यह दूरी 100 मीटर अनिवार्य होगी। इसके अलावा मीट दुकान सब्जी और मछली की दुकानों के पास नहीं खोली जा सकेगी।
खुले में मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित

निर्देश में साफ कहा गया है कि खुले में मांस काटना, प्रदर्शित करना या लटकाकर बेचना सख्त मना है। सभी दुकानों में मांस की बिक्री ढंके हुए और स्वच्छ तरीके से करनी होगी। यह कदम आम लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
दुकान की बनावट पर भी सख्त मानक

मीट दुकानों की संरचना को लेकर भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। दुकान का दरवाजा स्वतः बंद होने वाला होना चाहिए और काले शीशे का प्रयोग अनिवार्य होगा।

दुकान की ऊंचाई कम से कम तीन मीटर निर्धारित की गई है, जबकि वातानुकूलित दुकानों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 2.5 मीटर तय की गई है। दुकान की दीवारों पर पांच फीट की ऊंचाई तक इम्परवियस कंक्रीट मटेरियल लगाया जाना जरूरी होगा, ताकि सफाई में आसानी हो।
फर्श, पानी और ड्रेनेज की व्यवस्था अनिवार्य

मीट दुकान का फर्श पक्का और नान-स्लिपरी मटेरियल का होना चाहिए। साथ ही पानी की निकासी के लिए उचित ढलान और ड्रेनेज सुविधा अनिवार्य होगी। दुकान में पीने योग्य पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
स्वच्छता और उपकरणों पर जोर

मांस काटने में उपयोग होने वाले चाकू और अन्य धारदार औजार स्टेनलेस स्टील के होने चाहिए। दुकान में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य होगा, जिस पर यह अंकित रहेगा कि किस प्रकार का मांस (मटका/हलाल) बेचा जा रहा है।
ठंडा रखने और कचरा निस्तारण के निर्देश

यदि मांस को 48 घंटे से अधिक समय तक संग्रहित किया जाता है, तो उसे चार से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखने के लिए डिस्प्ले कैबिनेट, रेफ्रिजरेटर या फ्रीजिंग कैबिनेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा एनिमल वेस्ट (पशु अपशिष्ट) के निस्तारण के लिए समुचित व्यवस्था और ढक्कनयुक्त कंटेनर रखना भी जरूरी होगा।
नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई

प्रशासन ने सभी मीट और मुर्गा दुकानदारों को चेतावनी दी है कि निर्धारित नियमों और मानकों का सख्ती से पालन करें। एफएसएसएआई लाइसेंस/पंजीकरण के बिना दुकान संचालन या गाइडलाइन का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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