search

बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीय छात्रों में बढ़ रहा डर का माहौल, महिलाओं पर बढ़ रहे हमले

Chikheang 2026-1-18 05:27:22 views 1264
  

बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीय छात्रों में बढ़ रहा डर का माहौल (फोटो- एक्स)



आइएएनएस, ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और भारत-विरोधी भावना में वृद्धि ने पड़ोसी देश का स्वरूप बदल दिया है। इस अस्थिरता के बीच वहां हजारों भारतीय मेडिकल छात्रों में डर का माहौल बढ़ रहा है।
नौ हजार से अधिक भारतीय मेडिकल छात्र नामांकित हैं

वर्तमान में वहां नौ हजार से अधिक भारतीय मेडिकल छात्र नामांकित हैं, जो भारत के महंगे निजी कॉलेजों की तुलना में बांग्लादेश की अपेक्षाकृत कम ट्यूशन फीस से आकर्षित हैं।

एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, वर्षों से यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही थी, जिसमें भारतीय छात्र ढाका के शैक्षणिक जीवन में सहजता से घुलमिल गए थे। लेकिन, अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह संतुलन बिगड़ गया।
दिसंबर में एक भारतीय छात्र पर जानलेवा हमला हुआ

दिसंबर में एक भारतीय छात्र पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले ने कैंपस में दहशत फैला दी और इस धारणा को और मजबूत कर दिया कि अब असुरक्षा का संबंध राष्ट्रीयता से है। बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा के बढ़ते माहौल के बीच आम चुनाव होने वाले हैं। पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और बयानबाजी भी तीखी हो गई है।

राजनीतिक एवं रक्षा विश्लेषक एमए हुसैन ने कहा, “भारतीय हिंदू छात्रों के लिए चिंता कई स्तरों की है। हसीना की सत्ता से बेदखल होने के बाद से धार्मिक अल्पसंख्यकों (विशेषकर हिंदुओं) पर हमले कथित तौर पर बढ़ गए हैं।

ढाका का कहना है कि ये हमले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं, सांप्रदायिक नहीं। यह अंतर उस छात्र को कोई खास राहत नहीं देता जिसकी पहचान स्पष्ट होते ही परीक्षक का लहजा कठोर हो जाता है। राजनीति में इरादे से ज्यादा असर मायने रखता है।\“\“
भारतीय छात्र बांग्लादेशी संस्थानों को ट्यूशन फीस प्रदान करते हैं

द साउथ एशियन टाइम्स के अनुसार, भारतीय छात्र बांग्लादेशी संस्थानों को ट्यूशन फीस प्रदान करते हैं, सद्भावना स्वरूप अकादमिक आदान-प्रदान भी होता है, इसलिए मामला गंभीर है। शिक्षा को एक तटस्थ क्षेत्र माना जाता है, जो राजनीतिक उथल-पुथल से अछूता रहता है। लेकिन, आज बांग्लादेश में यह मिथक टूट रहा है।
धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं

डिग्रियां मिलने में देरी हो रही हैं, छात्रों के भविष्य अधर में प्रतीत हो रहे हैं और इस अनिश्चितता में चिंता पनप रही है। न्यूयर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच ने भी कहा है कि महिलाओं, लड़कियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
168768