search

Bihar Ethanol Crisis: इथेनॉल नीति ने तोड़ी बिहार की उम्मीदें; उद्योग ठप, मजदूर बेरोजगार, किसानों की बढ़ी चिंता

LHC0088 2026-1-17 11:56:44 views 1265
  

आधी क्षमता पर प्लांट चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं



जागरण संवाददाता, बक्सर। केंद्र सरकार की नई इथेनॉल खरीद नीति ने बिहार के इथेनॉल उद्योग को गहरे संकट में डाल दिया है। जिन फैक्ट्रियों को कभी औद्योगिक क्रांति और पलायन रोकने का मॉडल बताया गया था, वही अब बंदी के कगार पर हैं। तेल कंपनियों द्वारा इथेनॉल खरीद को 100 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत किए जाने से राज्य के 14 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट या तो आधी क्षमता पर चल रहे हैं या पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
आधी खरीद, पूरा संकट

इथेनॉल ऐसा उत्पाद है जिसे खुले बाजार में बेचा नहीं जा सकता। इसकी पूरी खरीद तेल विपणन कंपनियों पर निर्भर होती है। वर्ष 2022 में कंपनियों ने बिहार के प्लांटों से 10 वर्षों तक पूरा उत्पादन खरीदने का भरोसा दिया था, लेकिन 1 नवंबर 2025 से नियम बदलते ही यह वादा कमजोर पड़ गया। अब प्लांटों को केवल आधा उत्पादन ही सप्लाई करने की अनुमति मिल रही है।
मजदूरों पर सबसे गहरी मार

नई नीति का सबसे बड़ा असर मजदूरों और कर्मचारियों पर पड़ा है। वैशाली, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, बक्सर और पूर्णिया जैसे जिलों में कई प्लांट हफ्तों से बंद हैं। हजारों कामगार बेरोजगारी की कगार पर हैं। जिन लोगों ने दूसरे राज्यों से लौटकर बिहार में काम शुरू किया था, उनके सामने फिर पलायन का संकट खड़ा हो गया है।
फैक्ट्रियां बोलीं– खर्च निकालना भी मुश्किल

इथेनॉल कंपनियों के प्रबंधन का कहना है कि आधी क्षमता पर प्लांट चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। उत्पादन घटने से कर्मचारियों की सैलरी, बिजली, कच्चे माल और रखरखाव का खर्च भी नहीं निकल पा रहा। यदि नीति में बदलाव नहीं हुआ, तो स्थायी बंदी तय है।
किसानों की मेहनत बेकार

इथेनॉल उद्योग के चलते बिहार में मक्का उत्पादन दोगुना हुआ था और कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थीं। लेकिन अब मांग घटते ही मक्का और टूटे चावल के दाम तेजी से गिर गए हैं। किसान लागत निकालने को लेकर परेशान हैं और एक बार फिर नुकसान झेलने को मजबूर हैं।
सरकार से उम्मीद, लेकिन अनिश्चित भविष्य

  

राज्य सरकार ने केंद्र से बातचीत का भरोसा दिया है, लेकिन जमीनी हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो बिहार में रोजगार सृजन का सपना टूट सकता है। जिस इथेनॉल नीति को पलायन रोकने का हथियार माना गया था, वही अब पलायन को फिर मजबूर कर रही है।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166566