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नारनौल में स्वयं सहायता समूह करेंगे पेयजल गुणवत्ता की जांच, रोजाना घर-घर से लिए जाएंगे सैंपल

deltin33 2026-1-16 15:56:49 views 1048
  

नारनौल में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी पानी की जांच। सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, नारनौल। इंदौर जैसे सफाई की मिसाल दिए जाने वाले शहर में दूषित पानी पीने से नौ मौत हो गईं थी। जिसके बाद दैनिक जागरण ने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए \“\“\“\“हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थ\“\“\“\“ के तहत अभियान चलाया, जिससे जिलेभर में पेयजल में हो रही खामियों को उजागर किया गया, जिसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने बडा फैसला लिया है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत पेयजल की शुद्धता की जांच, पानी के सैंपल एकत्रित करने, क्लोरीन की जांच तथा शहर में लीकेज और दूषित पानी से जुड़े कनेक्शनों की पहचान के लिए शहरी स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि नारनौल शहर में जय भोला भंडारी स्वयं सहायता समूह तथा महेंद्रगढ़ शहर में श्रीराम स्वयं सहायता समूह को यह कार्य सौंपा गया है। फिलहाल जिले के दो शहरी क्षेत्रों में इस योजना की शुरुआत की गई है।
प्रतिदिन 10 पेयजल सैंपलों की होगी जांच

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 10 पेयजल सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला में जमा करवाएंगी। इसके अलावा चालू जल आपूर्ति के दौरान प्रतिदिन दो सैंपलों की क्लोरीन जांच मौके पर ही की जाएगी। जीवाणु परीक्षण के लिए महिलाएं घर-घर जाकर पानी के सैंपल भरेंगी।

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इसके साथ ही शहर में कहीं भी पाइपलाइन टूटने, लीकेज होने अथवा गंदे पानी से प्रभावित पेयजल कनेक्शनों की पहचान कर इसकी सूचना विभाग को दी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शन गंदी नालियों से होकर गुजर रहे हैं या जमीन में पड़े हुए हैं, उन्हें कनेक्शन दुरुस्त करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। कनेक्शन ठीक न करवाने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

इस कार्य के लिए जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम द्वारा स्वयं सहायता समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
डेटा अपडेट व सैंपल कलेक्शन का प्रशिक्षण

जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि नारनौल और महेंद्रगढ़ शहर की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आनलाइन डेटा एकत्रित करने का प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं प्रयोगशाला सहायक विकास द्वारा जीवाणु परीक्षण के लिए सैंपल एकत्रित करने और क्लोरीन जांच की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर एनयूएलएम की प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर अन्नू भारद्वाज, बीआरसी अनिता सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

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