मादा तेंदुए के शव को उठाते वनकर्मी व अन्य।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला के अंतर्गत वन परिक्षेत्र किसली के साजानाला क्षेत्र में गश्त के दौरान वन अमले को एक मादा तेंदुए का शव मिला, जिससे रिजर्व में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में तेंदुए की मौत बाघ के हमले से होने की आशंका जताई जा रही है।
यह घटना गुरुवार को कक्ष क्रमांक 696 (20), बीट डिगडोला क्षेत्र में सामने आई। सूचना मिलते ही एनटीसीए, नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। घटनास्थल को सुरक्षित कर डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान मौके के पास बाघ के पदचिन्ह, विष्ठा और घसीटने के निशान पाए गए।
पोस्टमार्टम में बाघ के हमले के संकेत
मृत मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, पशु चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार वैद्य और डॉ. सुनील गोयल द्वारा किया गया। परीक्षण में तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे अवैध शिकार की आशंका खारिज की गई है। हालांकि शरीर पर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान और चेहरे के पास खून के धब्बे मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकाला गया कि तेंदुए की मृत्यु बाघ के हमले से हुई।
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प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार
निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार क्षेत्र संचालक रविन्द्रमणि त्रिपाठी, उप संचालक (कोर) पुनीत गोयल, सहायक संचालक बंजर सूरज सिंह सेंदराम, मानक वन्यप्राणी अभिरक्षक चन्द्रेश खरे, उप सरपंच खटिया लखन राजुरकर, एनटीसीए प्रतिनिधि रोहन देसाई (डब्ल्यूआईआई) और किसली परिक्षेत्र के अमले की मौजूदगी में किया गया। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। फिलहाल निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। |