LHC0088 • 2026-1-14 17:56:54 • views 1239
मुख्यमंत्री भगवंत मान।
इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा है कि गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 स्वरूपों में से 169 का स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने पता लगा लिया है। यह नवांशहर के बंगा के एक डेरे में मौजूद हैं । इन में से 139 पावन स्वरूपों का कोई भी रिकार्ड मौजूद नहीं है। सिर्फ 30 पावन स्वरूपों का ही रिकार्ड उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको हम अपनी कोई प्राप्ति नहीं मानते, यह तो हमारी ड्यूटी है।
मुख्यमंत्री ने यह खुलासा उस समय किया है जब उन्हें 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सम्मुख उनके कार्यालय में पेश होना है। उन पर गोलक के प्रति बरते जाने वाले अपशब्दों के अलावा गुरुओं की फोटो का अपमान करने का भी आरोप है जिसको लेकर उन्हें वीरवार 15 जनवरी को स्पष्टीकरण देना है।
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काबिले गौर है कि दो दिन पहले दैनिक जागरण में यह खबर प्रकाशित कर दी गई थी कि पांच दर्जन के करीब गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप एसआईटी को मिल गए हैं और ये मर्यादा के अनुसार सुशोभित नहीं हैं। इनको लाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सहायता ली जाएगी और उनकी देखरेख में ये रखे जाएंगे। लेकिन एसआईटी के एक सदस्य ने कहा कि यह सही नहीं है और गलत है।
उन्होंने इसे सेल्फ इनपुट बताते हुए कहा कि एसआईटी के हाथ ऐसा कुछ नहीं है। हम जांच में लगे हुए हैं। लेकिन आज मुख्यमंत्री ने मुक्तसर में स्पष्ट कर दिया कि बंगा के एक डेरे में 169 पावन स्वरूप मिल गए हैं।
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2020 की जांच में 16 लोगों को दोषी ठहराया गया
काबिले गौर है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने का मामला सामने आया था जिसकी जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एक कमेटी का गठन करके जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी के प्रमुख इशर सिंह ने 2020 में इसकी जांच रिपोर्ट आ गई जिसमें 16 लोगों को इसका दोषी ठहराया गया।
इनमें से दो की माैत हो चुकी है और कुछ को एसजीपीसी ने बर्खास्त कर दिया। लेकिन गायब स्वरूपों के बारे में कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार ने अब इस मामले में एसआईटी का गठन करके जांच शुरू कर दी है जिसको यह पहली सफलता मिलती नजर आ रही है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों के मामले में एसआईटी ने एसजीपीसी के पूर्व सीए सतिंदर सिंह कोहली को भी हिरासत में लिया हुआ है और यह मामला आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच आरोप प्रत्यारोप का भी मुद्दा बना हुआ है।
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