26 हजार करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण कर बना रहे हैं लैंड बैंक : जायसवाल
जागरण संवाददाता, दरभंगा। उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि पूरे बिहार के अंदर 26 हजार करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण कर लैंड बैंक बनाने का काम कर रहे हैं। 21 जिलों में जमीन खरीदी जा चुकी है। उद्योग की करीब 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अडानी एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बनकर तैयार हो रहा है।
जेके सीमेंट, कोका-कोला, अशोक ईलैंड भी काम करने आ रहा है। पूरे बिहार में लघु उद्योग कुटीर उद्योग से युवाओं को जोड़ा जा रहा है। युवाओं को उद्योग लगाने के लिए 10 लाख की राशि मदद करते थे अब उसे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। युवाओं को स्टार्टअप के लिए भी बिहार में इनक्यूबेटर सेंटर बनाकर युवाओं को जोड़कर सीखने-समझने का मौका दिया जाएगा। अब बिहार में उद्योग लगा सकते हैं।
मंत्री जायसवाल महारानी कामसुंदरी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद मीडिया के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आप नौकरी की तलाश मत करिए। नौकरी देने वाला बनिए। इसके लिए सरकार की ओर से उनका भरपूर मदद किया जाएगा। युवाओं को जमीन देंगे, प्रशिक्षण देंगे। आजादी के बाद जितने उद्योग नहीं लगे उससे ज्यादा आने वाले पांच साल में लगाया जाएगा। हम सिर्फ बड़े उद्योग लाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं, बल्कि घर-घर में उद्योग हो, छोटा-छोटा कुटीर उद्योग हो, उसके लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज है। फिर एक बार भाजपा, एनडीए सरकार बहुमत से बनी है। पूरे देश व दुनिया से एक संदेश गया है कि बिहार की जनता जंगल राज को पसंद नहीं करती है। नीतीश कुमार भाजपा एनडीए की सरकार को पसंद करती है। हमने दो वादा किया था कानून का राज देंगे और युवाओं को रोजगार देंगे। निवेशकों के अंदर एक विश्वास जगा है कि बिहार में उद्योग व निवेश करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 वर्षों से लगातार जनता के सुख-दुख को जानने के लिए शासन तंत्र को मजबूत करने के लिए और विकसित बिहार के सपनों को साकार करने के लिए यात्रा पर निकल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले भी मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा पर निकले थे। हजारों करोड़ों की योजना प्रत्येक जिले में आवश्यकता के अनुसार दी थी। जहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं था, औद्योगिक क्षेत्र नहीं था, लैंड बैंक नहीं था, उन सारी चीजों को प्रगति यात्रा में अपनी आंखों से देखकर कानों से सुनकर उनको 15 दिनों के अंदर कैबिनेट की बैठक कर वित्तीय व्यवस्था करने का काम किया।
प्रगति यात्रा में शामिल किया गया, वह अब पूरा हो रहा है। उन्होंने शासन तंत्र को मजबूत करने का काम किया और यही कारण है कि सरकार बनने के बाद वे फिर से यात्रा पर निकल रहे हैं। यात्रा में जाने पर राज्य के मुख्यमंत्री को सभी तरह की जानकारी मिलती है।
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