पद्मश्री सम्मानित किसानों ने साझा किए अपने अनुभव
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सात दिवसीय विराट कृषि मेला एवं कृषि प्रदर्शनी के दूसरे दिन मुख्य मंच पर विशेष सत्र ‘कृषि से समृद्धि’ का आयोजन किया गया। इस सत्र में कृषि जगत की प्रतिष्ठित विभूतियों और विशेषज्ञों ने भारतीय कृषि के बदलते स्वरूप, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रामचेत चौधरी, भारत भूषण त्यागी, रामशरण वर्मा और चन्द्रशेखर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के निदेशक डॉ. आरआर सिंह, विधायक विपिन सिंह और प्रदीप शुक्ला भी मंचासीन रहे।
डॉ. रामचेत चौधरी ने अपने संबोधन में काला नमक चावल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर और इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन योजना में लाभान्वित किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए गए।
लाभार्थी किसानों में विजय प्रताप, चुन्नेल प्रजापति, लक्ष्मी नारायण, राजाराम और सत्तेंद्र बहादुर सिंह को ट्रैक्टर रोटावेटर, कल्टीवेटर, हैरो, सुपर सीडर, बेलर, रीपर, एमबी प्लाउ, हे-रेक और स्ट्रा चापर की चाबी सौंपी गई।
इसके बाद अतिथियों ने उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह और जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. आरडी वर्मा के साथ निजी संस्थाओं और एफपीओ के स्टालों पर आधुनिक तकनीक व उत्पादों की जानकारी ली। कृषि वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, उन्नत तकनीक और श्री अन्न पर आधारित खेती पर व्याख्यान दिए। |