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हत्या के लिए नई कार खरीदकर मारी थी टक्कर, बचने पर डंडों से पीटकर मार डाला; बहनोई की मौत का बदला लेने को रची साजिश

deltin33 2026-1-5 09:56:14 views 1232
  

पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपित।



जागरण संवाददाता, बदायूं। कृषक वीरेंद्र कुमार की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या की गई थी। उनकी जान लेने के लिए धूम सिंह, उसके चार भाइयों समेत सात आरोपितों ने षड्यंत्र रचा। इसी के तहत नई कार खरीदी ताकि उससे वीरेंद्र को कुचलकर हादसा दर्शा सकें। उससे उन्हें टक्कर भी मार दी थी मगर, सांसें चलती देख सिर पर डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार भी कर दिए। इन्हीं डंडों से कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।

शनिवार रात को मुठभेड़ में धूम सिंह, आकाश और रविवार को विजय सिंह, धीर सिंह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब फरार चल रहे तीन आरोपितों की तलाश है।
बदायूं में बहनोई की हत्या के शक में बदला लेने के लिए रचा षड्यंत्र

इस्माइलपुर मेवड़ी निवासी वीरेंद्र कुमार ने परिचित अनार सिंह का ट्रैक्टर एक कंपनी में लगवाने का आश्वासन दिया था। वह नौ महीने पहले अनार सिंह को अपने साथ गाजियाबाद लेकर गए थे मगर, रास्ते में हादसे में उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, साले धूम सिंह, विजय सिंह, धवल सिंह, धारा सिंह को शक था कि वीरेंद्र कुमार ने बहनोई अनार सिंह की हत्या कर दी। इसी कारण आरोपितों ने बदला लेने काे षड्यंत्र रचा कि वीरेंद्र को कार से कुचलकर मारेंगे ताकि हादसा लगे। इसके लिए 23 दिसंबर को नई पंच कार खरीदी।
हादसा दर्शाना चाहते थे आरोपित, चार को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पूछताछ में धूम सिंह ने कहा कि उसके पास पिकअप लोडर वाहन है मगर, कागज पूरे नहीं हैं। ऐसे में नई कार खरीदी ताकि सभी कागज पूरे होने पर हादसे का केस दर्ज होकर मामला निपट जाएगा। घटना करने के लिए कई दिन रेकी की गई। 31 दिसंबर को वीरेंद्र गांव से बाहर निकले तो षड्यंत्र में शामिल धूम सिंह, उसका साला आकाश, दोस्त टेकचंद पंच कार से पीछे से आए। अन्य चारों आरोपित पिकअप से सामने से आ रहे थे। दोपहर को सगराय-अलीगंज के बीच वीरेंद्र की बाइक के सामने विजय ने पिकअप वाहन आगे लगा दिया, इससे वीरेंद्र को बाइक में ब्रेक मारने पड़े। उसी दौरान पीछे से आई कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बावजूद वह बच गए तो आरोपितों ने कार में रखे डंडों व हाकी स्टिक से प्रहार कर जान ले ली, इसके बाद भाग गए।
घटनास्थल पर डंडे व हाकी स्टिक पड़ी देखकर पुलिस को शक हुआ

घटनास्थल पर डंडे व हाकी स्टिक पड़ी देखकर पुलिस को शक हुआ कि हादसा नहीं है। वीरेंद्र के स्वजन भी हत्या की बात कह रहे थे। इसी आधार पर आरोपितों की तलाश शुरू हुई। शनिवार रात को पुलिस ने धूम सिंह व आकाश की घेराबंदी की तो फायरिंग कर भागने लगे। जवाबी फायरिंग में पैर में गोली मारकर दोनों को पकड़ा गया था।

इंस्पेक्टर ज्योति सिंह ने बताया कि चार आरोपितों को जेल भेजा जा चुका। फरार धारा सिंह, धवल सिंह और टेकचंद की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों ने स्वीकारा कि घटना के लिए नई कार खरीदी थी। सभी के विरुद्ध हत्या, षड्यंत्र रचने आदि धाराओं में प्राथमिकी हुई है।
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