cy520520 • 2026-1-4 21:56:47 • views 790
पत्रकारों को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंंह। जागरण
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री सह सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने मनरेगा को पारदर्शी बनाकर पूर्व की सरकार से चार गुणा अधिक पैसा खर्च किया।
यूपीए के दस वर्षों के शासनकाल में मनरेगा के तहत देश में 1660 करोड़ दिन काम दिया गया। जबकि केंद्र की वर्तमान नरेंद्र मोदी की सरकार में मजदूरों को 3222 करोड़ दिन का रोजगार मिला।
वे बेगूसराय स्थित रसियन गेस्ट हाउस में पत्रकाराें को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपीए के दस वर्षों के शासनकाल में मनरेगा पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।
जबकि नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में 8.54 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो पूर्व की सरकार द्वारा खर्च की गई राशि से चार गुणा अधिक है।
मोदी सरकार में 865 लाख काम पूरे
तुलनात्मक आंकड़े का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के शासनकाल में 153 लाख काम पूरा किया गया।
जबकि मोदी के कार्यकाल में 865 लाख काम पूरा किया गया। मनरेगा के तहत बिहार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार को यूपीए की सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये दिए थे जबकि इस सरकार के कार्यकाल में 58 हजार करोड़ रुपये दिया जा चुके हैं।
कांग्रेस एवं विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रामजी भगवान के नाम से राहुल एंड कंपनी एवं विपक्षी पार्टियों को दिक्कत है।
भारत में भगवान राम से किसी को दिक्कत होगी तो उसे कोई नहीं बचा पएगा। उन्होंने कहा कि जो पहले मनरेगा था, उसे कांग्रेस ने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने का काम किया था।
लेकिन नरेन्द्र मोदी की सरकार उसमें पारदर्शिता लाई और मजदूरों के खाते में सीधे पैसा जाने लगा। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत सौ दिन से अधिक काम के लिए राज्यों को केंद्र से आदेश लेना पड़ता था।
अब वीबी जी-रामजी के तहत काम का दिन बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने सांसद एवं विधायकों से सही बात की जानकारी लोगों को देने की अपील भी की।
मौके पर विधायक कुंदन कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव वर्मा, भाजपा के जिला प्रभारी नीरज कुमार बबलू, कृष्णमोहन पप्पु, मृत्युंजय कुमार वीरेश, सुमित सन्नी आदि भी थे। |
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