cy520520 • 2026-1-2 23:57:32 • views 1255
विलाप करते परिजन
संवाद सूत्र, जागरण, खुटार। गांधीनगर मुहल्ला स्थित निवासी अजय कुमार मिश्रा की बंद मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। छह दिन पूर्व उनको आखिरी बार देखा गया था। कोई आहट न मिलने पर पड़ोस में रह रहे भाई अनिल व अमरीश दीवार फांदकर अंदर पहुंचे तो बरामदे में फर्श पर शव पड़ा था।
चेहरे शरीर को कई जगह चूहों ने कुतर दिया था। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि मृत्यु का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा। अजय कुमार मिश्रा डिप्रेशन में रहते थे। 18 वर्ष पूर्व शादी हुई, लेकिन कुछ माह बाद ही पत्नी छोड़कर चली गईं। इसके बाद उन्होंने लोगों से मिलना जुलना कम कर दिया। बात भी कम करते थे। बड़े भाई अनिल व अमरीश ने पड़ोस में ही दूसरा मकान बना लिया था।
अनिल घर पर अकेले रहते थे। तीनों भाइयों के बीच छह एकड़ खेती थी, उनके हिस्से के दो एकड़ में खेती का जो हिसाब बनता था दे दिया जाता था, जिससे जीवन निर्वाह करते थे। अनिल ने बताया कि रविवार देर शाम अजय घर के बाहर खड़े दिखे थे। उसके बाद से वह नजर नहीं आए। उन लोगों से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे।
मुख्य दरवाजा भी अधिकांश बंद रहता था, इसलिए ध्यान नहीं दिया। इस बीच घर में भी कोई हलचल या आहट नहीं हुई। तो शुक्रवार शाम दोनों भाइयों ने जाकर अजय के मकान का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका में आस-पास के तमाम अन्य लोगों को बुला लिया।
कुछ देर बाद पुलिस जब मौके पर पहुंचीं तो अनिल ने दीवार के सहारे अंदर जाकर दरवाजा खोला। अजय का शव बरामदे में तख्त व इंजन के बीच में पड़ा मिला। हल्की दुर्गंध भी आ रही थी। चेहरे, हाथ सहित शरीर पर कई जगह चूहों ने कुतरा था। अनिल ने बताया कि अजय डिप्रेशन में रहते थे।
वह उन लोगों से भी ज्यादा बात नहीं करते थे। इसलिए घर में किसी का आना जाना नहीं होता था। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि इस प्रकरण में किसी तरह का आरोप नहीं लगाया गया है। फिर भी मृत्यु का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
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