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Bihar Bhumi: 2026 से महंगी हो जाएगी जमीन रजिस्ट्री, नए सिरे से तय होगा मार्केट वैल्यू रेट

LHC0088 2025-12-16 21:07:25 views 1252
  

2026 से महंगी हो जाएगी जमीन रजिस्ट्री, नए सिरे से तय होगा मार्केट वैल्यू रेट



जागरण संवाददाता, जहानाबाद। अगर आप जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने की सोच रहे तो जल्दी करें, क्योंकि नए साल में आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है। 2026 से जमीन व मकान की कीमतों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। जमीन रजिस्ट्री का शुल्क तीन गुणा बढ़ सकता है। अब नया मार्केट वैल्यू रेट लागू होगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

वर्तमान में 2016 के मार्केट वैल्यू रेट के अनुसार ही जमीन रजिस्ट्री का शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि बीते नौ सालों में जमीन व मकान की कीमत आसमान छू गई, इसका फायदा सरकार को नहीं मिल पा रहा। अब मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने तय किया है कि जमीन का नए तरीके से पुनरीक्षण कर नया मार्केट वैल्यू रेट (एमवीआर) लागू किया जाएगा, जिससे राजस्व की बढ़ोतरी होगी।

मार्केट वैल्यू रेट के पुनरीक्षण से रजिस्ट्री में पारदर्शिता आएगी। वहीं निबंधन विभाग से आने वाली राजस्व में वृद्धि होगी। बीते वर्षों में जिले की कई पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया, किंतु वहां आज भी जमीन रजिस्ट्री शुल्क खेतिहर भूमि का है।

नगर परिषद व नगर पंचायत अंतर्गत आने वाली सभी जमीन का नया मार्केट वैल्यू रेट तय कर उसी अनुसार रजिस्ट्री शुल्क वसूला जाएगा। ग्रामीण इलाकों में भी जमीन की कीमत बढ़ी है, उसका भी वर्तमान मार्केट वैल्यू रेट पर रजिस्ट्री शुल्क तय किया जाएगा।

वर्ष 2013 के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों का मार्केट वैल्यू रेट नहीं बढ़ा है। नगर परिषद व नगर पंचायत के नव अधिग्रहित क्षेत्रों पर विभाग का ज्यादा फोकस है ताकि सरकार को जमीन रजिस्ट्री से ज्यादा राजस्व की प्राप्ति हो सके।
वर्तमान में प्रचलित बाजार दर से होगा मूल्यांकन

जमीन का नया मार्केट वैल्यू रेट का मुल्यांकन वर्तमान में प्रचलित बाजार दर से होगा। वर्तमान में जो मार्केट वैल्यू रेट (एमवीआर) है। उससे 10 गुनी ज्यादा रेट पर जमीन की बिक्री की जा रही है। इसी विसंगतियों को दूर करने के लिए नया मार्केट वैल्यू रेट का पुनरीक्षण किया जाएगा। इससे काले धन को सफेद करने वाले लोगों पर अंकुश लगेगा।

राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन का मार्केट वैल्यू रेट (एमवीआर) वर्ष 2013 और शहरी का 2016 के बाद से नहीं बढ़ा है। इस बीच जमीन की बाजार दर कई गुना बढ़ गई है। जिले में राजस्व का लक्ष्य हर वर्ष बढ़ रहा है, मगर दर नहीं बढ़ने से इसकी प्राप्ति कठिन हो जा रही है।
इस तरह होगा जमीन का पुनरीक्षण

ग्रामीण क्षेत्र: व्यवसायिक भूमि, औद्योगिक भूमि, आवासीय भूमि, एनएच और मुख्य सड़कों की दोनों ओर की भूमि, सिंचित भूमि, असिंचित भूमि, बलुआही, पथरीली, दियारा भूमि।

शहरी क्षेत्र: प्रधान सड़क की व्यावसायिक, आवासीय भूमि, मुख्य सड़क की व्यावसायिक, आवासीय भूमि, औद्योगिक भूमि, शाखा सड़क की व्यावसायिक, आवासीय भूमि, अन्य सड़क (गली) की आवासीय भूमि, कृषि, गैर-आवासीय भूमि।
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