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पति से तलाक के लिए पत्नी की साजिश, कोर्ट को गुमराह करने को रचा ये ड्रामा, अब नर्स, आशा बहू सहित चार फंसे

LHC0088 2025-12-16 21:07:23 views 979
  



संवाद सूत्र, रामपुरा(उरई)। इटावा के दिलीप नगर निवासी रोहित का पत्नी विनीता से फेमिली न्यायालय में 2021 से विवाद चल रहा है। उसी की तारीख पर वह 13 अक्टूबर 2025 को इटावा में न्यायालय गया था जहां पत्नी आई थी। इसके बाद पत्नी के वकील ने न्यायालय में एक जन्म प्रमाण पत्र देकर बताया था कि रोहित ने दूसरी शादी कर ली है और उसके बच्चे का यह जन्म प्रमाण पत्र है। रोहित ने अभी तक दूसरी शादी नहीं की थी और बच्चे के नाम से जन्म प्रमाण पत्र कहां से बन गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

  

इस पर उसने न्यायालय से इसकी कापी निकलवाई। रामपुरा सीएचसी से जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ था। रोहित ने चिकित्साधीक्षक से इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो प्रमाण पत्र फर्जी निकला। इस पर स्टाफ नर्स, आशा बहू, पीड़ित की पत्नी व जन्म प्रमाण पत्र रिसीव करने वाले आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी कर कूटरचित दस्तावेज बनवाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

  


इटावा जनपद के बकेबर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर निवासी रोहित का 2018 में औरैया जिले के ग्राम चिकमनी थाना अछल्दा निवासी विनीता से विवाह हुआ था। जिसके बाद उसको एक पुत्री भी हुई थी। वर्ष 2021 में रोहित की पत्नी विनीता मायके चली गई और फेमिली न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही न्यायालय के आदेश पर बच्ची को भी साथ ले गई थी। 13 अक्टूबर 2025 को जब रोहित न्यायालय में पेशी पर पहुंचा तो उसे पता चला था कि विनीता ने एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रामपुरा सीएचसी के कर्मचारियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर का प्रसव दिखाकर जारी कराकर न्यायालय में पेश कर दिया था।

  

इसमें विनीता ने न्यायालय में बताया था कि उसको रोहित ने तलाक भी नहीं दी और उसे हर्जाखर्चा भी नहीं दे रहा है। जबकि उसने दूसरी शादी कर ली और उसके बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी यही है। रोहित का कहना है कि अभी तक उसने दूसरी शादी ही नहीं की है। इसके बाद रोहित ने मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीके भिटौरिया के समक्ष पेश होकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी से जारी होने की शिकायत की थी। जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम के साथ स्वयं भी इस मामले की जांच की थी। जिसमें 15 दिसंबर को जांच पूरी हुई तो शिकायत सही पाई थी कि सीएचसी के स्टाफ ने फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया था।

  


इसके बाद चिकित्साधिकारी डा. डीके भिटौरिया ने चिकित्साधीक्षक डा. प्रदीप राजपूत निवासी ग्राम मियांपुर थाना राठ हमीरपुर से मामले में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। चिकित्साधीक्षक ने आशा बहू उमाकांती पत्नी स्व. विजय सिंह निवासी ग्राम भिटौरा जालौन, स्टाफ नर्स विमलेश कुमारी निवासी रामपुरा, रोहित की पत्नी विनीता व प्रमाण पत्र रिसीव करने वाले अनमोल प्रजापति पुत्र उमाशंकर निवासी सुभाष नगर रामपुरा के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने जालसाजी कर कूटरचित दस्तावेज बनवाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

  
किसी और को दिखाया बच्चे की मां

रोहित की पत्नी विनीता ने जब सीएचसी स्टाफ के साथ मिलकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया तो उसमें अंजुली देवी नाम की युवती का बच्चे की मां के रूप में दर्ज करा दिया। जबकि रोहित ने बताया कि जिस युवती का नाम इस प्रमाण पत्र में लिखाया गया है उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। वह उसी नगर की निवासी है।  

  

चिकित्साधीक्षक डा. प्रदीप राजपूत ने बताया कि चारों लोग जांच में दोषी पाए गए हैं। इस कारण उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।


थाना प्रभारी रजत कुमार सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है।
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