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पलवल-नूंह मार्ग की जर्जर हालत के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन को चेतावनी

LHC0088 2025-12-14 22:08:10 views 451
  

मिंडकोला गांव से पलवल में जिला उपायुक्त निवास तक पैदल मार्च निकालकर रोष जताया।



जागरण संवाददाता, पलवल। पलवल-नूंह मार्ग की जर्जर हालत से दुखी दर्जनों गांवों के सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने रविवार को मिंडकोला गांव से पलवल में जिला उपायुक्त निवास तक पैदल मार्च निकालकर रोष जताया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में इस मार्ग को चार लेन करने की दिशा में ठोस काम नहीं हुआ था बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पलवल नूंह मार्ग की हालत बीते की वर्षों से जर्जर है और यह दो लेन का बेहद संकरा भी है। इससे यहां ये दिन हादसे होते हैं। दो दर्जन गांवों के लोग नूंह, पलवल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, आगरा, मथुरा जाने के लिए अधिकतर लोग इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बीते सोमवार को ही नूंह रोड पर लालवा गांव के समीप रजोलका के रहने वाले बाइक सवार पति ललित की दूसरी बाइक की टक्कर से मौत हो गई थी, जबकि उसका साथी कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गया था। बीती एक दिसंबर को ही सदर पलवल-नूंह रोड पर महेशपुर गांव के समीप सड़क पर खड़े ट्रैक्टर-मिक्स्चर से बाइक के टकरा जाने से हरकेश नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि उसका पिता विजय घायल हो गया था।

इस हादसे से आक्रोशित आसपास के ग्रामीणों ने पलवल-नूंह रोड पर धरना भी दिया, करीब दो घंटे के धरने के बाद अधिकारियों के मार्ग की मरम्मत के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला। अगस्त माह में भी बढ़ा गांव के 19 वर्षीय देवेश की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। लेकिन आज तक इस सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है।
जिला उपायुक्त ने दिया आश्वासन

इस जर्जर और संकरी सड़क पर हो रहे हादसों से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह पैदल मार्च निकाला और जिला प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। अपने निवास स्थान के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारियों को जिला उपायुक्त हरीश वशिष्ठ ने आश्वासन दिया कि वह जल्द से जल्द इस मार्ग को चार लेन कराने का प्रयास करेंगे। इस मार्ग को चार लेन करने के लिए वन विभाग की मंजूरी मिलनी बाकी थी, जो कि मिल चुकी है। जल्द ही इसका कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

इसके बाद प्रदर्शन कर लोगों ने जिला उपयुक्त को चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के अंदर इस मार्ग को चार लेन करने की दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ तो वह नए साल की शुरुआत में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान डागर पाल के प्रधान धर्मवीर सिंह, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रत्न सिंह सौरोत, ज्ञान सिंह चौहान, मुकेश डागर, सुखराम डागर, सविता डागर, देवी सिंह, राजू आदि मौजूद थे।
आठ वर्ष से कागजों में अटका हुआ है चार लेन निर्माण का काम

पलवल-नूंह मार्ग अभी दो लेन का है। इसे चार लेन करने की परियोजना को राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2017 में मंजूरी दी थी। इसके लिए करीब 137 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया था। एचएसआरडीसी को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। चूंकि सड़क को चार लेन करने के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह पहले से ही मौजूद है, इसलिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं थी।

हालांकि सड़क के निर्माण में कई पेड़ों को काटा जाना था। इसके लिए वन विभाग से आपत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया था। इसकी एवज में वन विभाग ने काटे जाने वाले पेड़ों की जगह पौधरोपण करने के लिए एचएसआरडीसी से करीब 65 एकड़ जमीन मांगी थी। इसकी वजह से इसका काम अटका हुआ था।
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