search

पूरे गांव को वक्फ संपत्ति बताने का दावा खारिज, दरगाह के गेट और वजूखाना पर चला बुलडोजर

LHC0088 2025-12-10 04:36:52 views 949
  

सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ संपत्ति बताने का दावा खारिज



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने जिला वक्फ बोर्ड के उस दावे को औचित्यहीन पाते हुए खारिज कर दिया है, जिसमें खंडवा जिले के पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ संपत्ति बताया गया था।

पीर मौजा दरगाह परिसर में अवैध रूप से बनाए गए वजूखाना, दुकान और एंट्री गेट को ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत ने पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से ढहा दिया।

वहीं, दरगाह से सटी पंचायत की जिस जमीन पर 2013 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने अपनी सांसद निधि से मांगलिक भवन के नाम से सामुदायिक भवन बनवाया था, उस पर कब्जा करके दरगाह कमेटी द्वारा संचालित अवैध मदरसा भी बंद करवा दिया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इस भवन पर ग्राम पंचायत ने ताला जड़कर कब्जे में ले लिया और हरे रंग के ऊपर भगवा रंग से पुताई करवा दी।दरअसल, दरगाह के आसपास पंचायत की जमीन पर कब्जे को हटाने के लिए दो महीने पहले ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस दिया था।

इसके बाद दरगाह कमेटी ने खंडवा के जिला वक्फ बोर्ड की शरण ली तो बोर्ड ने भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल के समक्ष दावा करते हुए कहा कि गांव की खसरा संख्या- 781 रकबा 14.500 हेक्टेयर भूमि (जिस पर पूरा सिहाड़ा गांव बसा है), वह वक्फ संपत्ति है, फिर भी दरगाह के कब्जे वाली जमीन को खाली कराया जा रहा है।

इस पर ट्रिब्यूनल ने सुनवाई करते हुए कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार को भी तलब किया था। प्रशासन और राजस्व के अधिकारियों को वक्फ दावे के समर्थन में कोई रिकार्ड नहीं मिला। वहीं, ट्रिब्यूनल द्वारा दी गई दो माह की समय सीमा में भी वक्फ बोर्ड अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

नतीजतन, साफ हो गया कि दरगाह प्रबंधन द्वारा ग्राम पंचायत की जमीन पर किए कब्जे को हटाने की कार्रवाई से बचाव के लिए वक्फ बोर्ड ने हवा-हवाई दावा किया।

हालांकि, ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद भी जिला वक्फ बोर्ड चुप बैठने को तैयार नहीं है। उसके सचिव रियाज खान का कहना है कि ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर रहे हैं, जबकि ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि हेमंत चौहान का कहना है कि दरगाह को लेकर कभी कोई आपत्ति नहीं रही।

गांव के लोग हमेशा हिंदू-मुस्लिम भाईचारा का पैगाम देते आए हैं, लेकिन दरगाह प्रबंधन ने पंचायत की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा किया तो उसे हटवाना जरूरी था।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
167126