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घंटों रजाई-कंबल में रहने के बाद भी ठंडे रहते हैं हाथ-पैर? तो तुरंत जान लें कब जाना है डॉक्टर के पास

LHC0088 2025-12-10 00:05:01 views 469
  

सर्दी में भी ठंडे रहते हैं हाथ-पैर, जानिए कब है डॉक्टर के पास जाने की जरूरत (Picture Credit-  



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और ठंडी हवाओं की वजह से लोग ठिठुरने के लिए मजबूर है। इस मौसम में खुद को सर्दी से बचाने के लिए लोग अक्सर ढेरों कपड़ों और रजाई-कंबल का सहारा लेते हैं।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सर्दियां आते ही लोग ठंड से बचने के लिए कई तरह के कपड़े पहन लेते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को दस्ताने और मोजे पहनने के बाद भी हमेशा हाथ-पैर ठंडे रहने की समस्या का सामना करना पड़ता है। अक्सर लोग इसे आम मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं क्या हाथ-पैरों का ठंडा होना आपके लिए कब वाकई खतरनाक होता है?  
क्यों ठंडे रहते हैं हाथ- पैर?

हाथ-पैरों का ठंडा होने अक्सर सर्दी का संकेत हो सकता है। यह इस मौसम का आपके आपके शरीर को ठंड महसूस होने का पहला तरीका हो सकता है। शरीर से सबसे दूर होने की वजह से हाथ-पैर अक्सर ठंडे रहते हैं। आमतौर पर हमारे आंतरिक अंग हमें गर्म रखने में मदद करते हैं, लेकिन हाथ और पैर में किसी भी प्रमुख अंग या मांसपेशियों का अभाव होता है, जिससे यह जल्दी गर्म नहीं हो पाते।  
महिलाओं के हाथ-पैर ज्यादा रहते हैं ठंडे

हाथ-पैर ठंडे रहने की वजह, तो हम जान गए, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर महिलाओं के हाथ-पैर ज्यादा ठंडे क्यों रहते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह ज्यादा आम हो सकता है, क्योंकि ठंड में उनके हाथों और पैरों की ब्लड वेसल्स ज्यादा तेजी से सिकुड़ जाती हैं। बच्चों और कम वजन वाले लोगों में भी गर्मी पैदा करने के लिए कम मांसपेशियां और फैट होती है और बुज़ुर्ग भी इस \“हमेशा ठंडे\“ रहने वाले लोगों के समूह का हिस्सा हैं।
कब खतरनाक है हाथ-पैर का ठंडा होना?

हाथ-पैरों का ठंडा रहना यूं तो आम माना जाता है, लेकिन कई बार यह सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है। लगातार ठंडे हाथ और पैर होना आपकी सेहत के लिए चिंताजनक हो सकता है। कुछ लोगों में यह रेनॉड सिंड्रोम का संकेत हो सकता है, जिसमें हाथ और पैरों की आर्टरीज ठंड या तनाव के कारण अस्थायी रूप से ब्लड फ्लो को रोक देती हैं।  

आमतौर पर यह सिंड्रोम हानिरहित होता है, लेकिन यह कभी-कभी ल्यूपस या स्क्लेरोडर्मा जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियों का कारण बन सकता है। ठंडे हाथ और पैरों के अन्य कारणों में हाथ और पैरों में थक्के, पेरिफेरल आर्टरीज डिजीज और अंगों में वेसल्स का संकुचित होना हो सकते हैं। इसके अलावा हाइपोथायरायडिज्म और एनीमिया भी इसका कारण हो सकते हैं।  
डॉक्टर को कब दिखाएं?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अचानक ठंडे हाथ-पैर की समस्या हैं या हाल ही में यह ज्यादा होने लगे हैं, तो समझ जाएं कि डॉक्टर के पास जाने का समय आ गया है। हाथों और पैरों में तेज दर्द, घाव, पपड़ी या अल्सर होने पर भी किसी विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लें।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।




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