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नेपाल की बेटी, भारत की बहू... 9 साल बाद भी क्यों नहीं बन पाई वोटर? SIR ने उठाया बड़ा सवाल!

Chikheang 2025-12-1 11:06:52 views 1041
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



पीयूष दुबे, जागरण, पीलीभीत। नेपाल के कंचनपुर की मूल निवासी पूजा नौ वर्ष पहले स्थानीय खरुआ गांव के महेंद्र सिंह से शादी कर यहीं बस गईं। बीते पंचायत और लोकसभा चुनाव में मतदान भी किया परंतु, अब नई चुनौती आ गई। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के फार्म में वर्ष 2003 की मतदाता सूची के अनुसार उनकी अथवा अभिभावक की एपिक आइडी (मतदाता पहचान पत्र क्रमांक) मांगी जा रही। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

वह उस समय नेपाल में रहती थीं, पिता भी वहीं के निवासी हैं। ऐसे में वर्ष 2003 का प्रमाण कहां से लाएं...यह समस्या उठी तो जिला प्रशासन ने समाधान का रास्ता बनाया। अब एसआइआइ के दूसरे चरण में उनके विवाह एवं नागरिकता प्रमाणपत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल किया जाएगा।

जिले में महाराजपुर, बूंदीभूड़, टाटरगंज, कंबोजनगर, बाजारघाट, बैल्हा आदि दर्जनों गांव नेपाल सीमा से सटे हुए हैं। दोनों के ग्रामीण एक-दूसरे के क्षेत्रों में आवाजाही करते हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, सीमावर्ती गांवों में नेपाल की चार दर्जन से ज्यादा लड़कियां भारतीय युवकों से शादी कर बस गई हैं। एसआइआर में उनके सामने समस्या आ रही।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पूजा की ओर से लिखित पत्र मिला है। एसआइआर फार्म के कालम संख्या तीन में आवेदक को अपनी अथवा माता-पिता की मतदाता संख्या (वर्ष 2003 के अनुसार) का उल्लेख करना होता है। पूजा के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है। ऐसे प्रकरण में आवेदक का अधूरा फार्म भी जमा कर लिया जाएगा।

बाद में उन्हें नोटिस भेजकर फार्म अधूरा होने के कारण पूछा जाएगा। नोटिस के जवाब के साथ उन्हें शादी एवं नागरिकता का प्रमाणपत्र देना होगा। इसके उपरांत एसआइआर के दूसरे चरण में उनका नये सिरे से वोट बनवा दिया जाएगा। यदि अन्य महिलाओं की शिकायत आती है तो उन्हें भी इसी प्रक्रिया का पालन करना होगा। जिले में रविवार दोपहर दो बजे तक एसआइआर के कुल 73.44 प्रतिशत फार्म जमा चुके थे।
आंकड़ों में जाने पीलीभीत की एसआइआर की स्थिति

जिले में बरखेड़ा, पीलीभीत, बीसलपुर और पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र 14,67,988 मतदाताओं का एसआइआर कराया जा रहा है। बीएलओ ने गणना प्रपत्रों को मतदाताओं से वापस लेकर बीएलओ एप के माध्यम से फार्म डिजिटाइज्ड कार्य तेजी से किया जा रहा है। रविवार दोपहर दो बजे तक 79.62 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है।

इसमें 73.44 प्रतिशत डाटा डिजिटाइज्ड किया जा चुका है। वहीं, 6.18 प्रतिशत एएसडी मतदाता सामने आ चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार 10,78,159 मतदाताओं का डेटा डिजिटाइज्ड किया जा चुका है और अब तक 90,780 मतदाता एएसडी पाए गए (अब्सेंट, शिफ्टेड, डबल) सामने आ चुके हैं।

  

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