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WBSSC ने 300 अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया, फर्जी प्रमाण पत्र का है मामला

LHC0088 2025-11-25 02:37:35 views 856
  

WBSSC ने 300 अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया फर्जी प्रमाण पत्र का है मामला (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। उच्च माध्यमिक विध्यालय में शिक्षकों की भर्ती परीक्षा पास कर साक्षात्कार के लिए योग्य 300 अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी)ने अग्योग्य करार दे दिया है। क्योंकि जांच में पाया गया कि इन लोगों ने दस अंक प्राप्त करने के लिए पढ़ाने के अनुभव का फर्जी प्रमाण पत्र जमा किया था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बताते चलें कि पिछले टीचिंग एक्सपीरियंस होने पर 10 अंक का वेटेज का प्रावधान रखा गया है। स्कूल सेवा आयोग के अधिकारियों ने कहा कि इन अयोग्य घोषित किए गए अभ्यर्थियों में से कुछ ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक मार्कशीट भी दी थीं। इन अयोग्य अभ्यर्थियों की पहचान एसएससी अधिकारियों द्वारा उनके दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के दौरान उनके अनुभव, उम्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज से हुए है, जो 18 नवंबर को शुरू हुआ था।

यह अभ्यर्थी इस साल सितंबर में हुई लिखित परीक्षा में बैठे थे, लेकिन पिछले टीचिंग एक्सपीरियंस( पूर्व में पढ़ाने का अनुभव) के लिए 10 अंक वेटेज मानदंड का फायदा नहीं उठा पाने के कारण इंटरव्यू के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। ऐसे अभ्यर्थियों ने दावा किया कि वे शुरू से ही इस अनुभव मानदंड पर एतराज जता रहे थे।
क्या दावा किया?

उन्होंने दावा किया था कि नई भर्ती प्रक्रिया में इस अनुभव मानदंड को लाकर एसएससी ने इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गुंजाइश खुली रखी थी। असल में जब इस महीने की शुरुआत में लिखित परीक्षा के रिजल्ट घोषित किए गए, तो यह देखा गया कि कई नए अभ्यर्थी जिन्होंने लिखित परीक्षा में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें सिर्फ इसलिए साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया क्योंकि उनके पास अनुभव से जुड़ा वेटेज नहीं था।

उच्च माध्यमिक शिक्षक की नई भर्ती के लिए लिखित परीक्षा इस साल सितंबर में आयोजित की गई थी और इसके रिज़ल्ट इस महीने की शुरुआत में घोषित किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षकों की नई भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी इस साल सितंबर में हुई थी और इसके नतीजे सोमवार की शाम घोषित हुए हैं।

इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा लगभग 26,000 नियुक्तियों को रद करने के बाद खाली हुई जगहों को भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अप्रैल में फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सभी दागी टीचरों, जिन्होंने पैसे देकर नौकरी हासिल की थी, को नई भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से रोक दिया था। इस बीच, इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित लिखित परीक्षा के नतीजों को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में दो याचिकाएं पहले ही दायर की जा चुकी हैं।
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