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सिर्फ चार दिन शेष, मोरनी–पंचकूला रोड पर बने अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, लोगों में हड़कंप, गेस्ट हाउस मालिकों की भी चिंता बढ़ी

LHC0088 2025-10-12 01:39:08 views 1250
  

मई में पीडब्ल्यूडी ने करीब 150 से अधिक निर्माण मालिकों को नोटिस भेजे थे।



धर्म शर्मा, मोरनी। मोरनी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक बार फिर सख्त रुख अपनाने जा रहा है। विभाग ने अधिसूचित मोरनी–पंचकूला रोड पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि चार दिनों के भीतर मालिक खुद कब्जे नहीं हटाते तो 15 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। दुकानदारों से लेकर गेस्ट हाउस मालिकों और मकान धारकों तक सभी में भय और अनिश्चितता का माहौल है।

दरअसल, इसी वर्ष मई में पीडब्ल्यूडी ने करीब 150 से अधिक निर्माण मालिकों को नोटिस भेजे थे, जिनमें यह साफ कहा गया था कि सड़क के दोनों ओर 30 मीटर (करीब 100 फीट) की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध माना जाएगा। विभागीय नियमों के अनुसार सड़क के केंद्र से 40 फीट क्षेत्र निर्माण-मुक्त रखा जाना आवश्यक है। इसके बावजूद कई लोगों ने इस दायरे में दुकानें, होटल, रिहायशी मकान और गेस्ट हाउस बना रखे हैं।

पीडब्ल्यूडी की इस कार्रवाई से मोरनी और आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और जीवनभर की पूंजी से बनाए गए घर और व्यवसाय अब खतरे में हैं। कई लोग प्रशासनिक दया की उम्मीद लगाए हुए हैं, वहीं कुछ ने विभागीय अधिकारियों से राहत की गुहार भी लगाई है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विभाग की टीम ने बीते कुछ दिनों में सर्वे का काम पूरा कर लिया है और जिन स्थानों पर निर्माण सड़क की सीमा में पाए गए हैं, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। 15 अक्तूबर को विभाग पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगा।

इस बीच, एसडीओ पीडब्ल्यूडी अनिल कांबोज ने बताया कि, “अधिसूचित सड़क के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों को चार महीने पहले नोटिस दिए गए थे। अब यदि कब्जे नहीं हटे, तो 15 अक्तूबर को अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगा।”

लोगों का कहना है कि लंबे समय तक विभाग की चुप्पी से यह भरोसा बन गया था कि शायद नोटिस औपचारिकता मात्र थे, लेकिन अचानक हुई इस सक्रियता ने सबको चिंता में डाल दिया है। कई परिवार अब अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने लगे हैं। मोरनी जैसी हिल स्टेशनों की पहचान बन चुके कई गेस्ट हाउस और दुकानों का भविष्य अब अधर में लटक गया है। अगर विभाग की योजना के अनुसार कार्रवाई हुई तो आने वाले सप्ताह में इलाके का नक्शा ही बदल सकता है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
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