cy520520 • 2025-10-11 19:37:02 • views 1260
Rama Ekadashi 2025: रमा एकादशी के उपाय।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Rama Ekadashi 2025: रमा एकादशी का पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, यानी 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह भगवान विष्णु को समर्पित है। दीवाली से ठीक पहले पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य की कमी कभी नहीं होती। वहीं, इस दिन को लेकर कई सारे उपाय बताए गए हैं, तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं - विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
तुलसी के पास
तुलसी को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है। ऐसे में एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास घी का एक दीपक जरूर जलाएं। दीपक जलाने के बाद तुलसी चालीसा का पाठ करें और तुलसी की सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से घर में धन और समृद्धि बनी रहेगी और पारिवारिक क्लेश समाप्त होगा।
मंदिर
एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने घी का अखंड दीपक जलाएं, जो पूरी रात जलता रहे। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है। साथ ही धन लाभ के मार्ग खुलते हैं।
घर की उत्तर दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा को कुबेर का स्थान और धन की दिशा माना गया है।
ऐसे में इस स्थान में दीपक जलाने से आर्थिक तंगी दूर होती है। इसके साथ ही धन के आगमन के रास्ते खुलते हैं और तिजोरी हमेशा भरी रहती है।
पीपल के पेड़ के नीचे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास होता है। अगर आपके घर के आस-पास पीपल का पेड़ है, तो एकादशी की शाम को उसके नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक संकट से मुक्ति मिलती है।
रसोई घर
रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का निवास स्थान माना जाता है, जो अन्न और धन की अधिष्ठात्री देवी हैं। ऐसे में रमा एकादशी के दिन रसोई घर में एक छोटा दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती है और परिवार में संपन्नता बनी रहती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
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