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प्रदूषण नहीं रुका तो खो जाएगी दुनिया की खूबस ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 23

मुंबई। टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने पर्यावरण को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने पर्यावरण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की और कहा कि अगर इंसानों ने अब भी अपनी आदतों में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले समय में प्रकृति का संतुलन गंभीर रूप से बिगड़ सकता है।
  आईएएनएस से बात करते हुए शुभांगी अत्रे ने कहा, ''आज सबसे बड़ी समस्या यह है कि इंसान प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहना भूल गया है। पहले लोग प्रकृति का उपयोग अपनी जरूरतों के अनुसार करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। अब प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका असर धरती के हर हिस्से पर दिखाई देने लगा है।''




  शुभांगी ने कहा, ''इंसान अब सिर्फ संसाधनों का उपयोग नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें तेजी से खत्म भी कर रहा है। जंगल लगातार कम होते जा रहे हैं, जिसके कारण जानवरों का प्राकृतिक आवास छिन रहा है। कई प्रजातियां संकट में हैं और मौसम का चक्र भी पहले जैसा नहीं रहा। कभी अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो कभी अचानक भारी बारिश हो जाती है। यह सब प्रकृति के असंतुलन का संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।''
  अभिनेत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण को भी एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा, ''प्लास्टिक ऐसा जहर है जो धीरे-धीरे पूरी प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है। प्लास्टिक धरती और जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन जीव-जंतुओं को होता है, जो यह समझ ही नहीं पाते कि यह उनके लिए कितना खतरनाक है। कई बार जानवर प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है। इसे कम करने के लिए लोगों को अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाना होगा। अगर प्रदूषण नहीं रुका तो दुनिया अपनी प्राकृतिक शांति खो देगी।''




  उन्होंने कहा, ''पर्यावरण की रक्षा रोजाना छोटे-छोटे प्रयासों से की जा सकती है। जब कोई व्यक्ति प्रकृति से जुड़ा रहता है, तो वह जीवनशैली के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होता है। यही जुड़ाव लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाता है और उन्हें सही विकल्प चुनने की प्रेरणा देता है।''
  विश्व पर्यावरण दिवस से पहले शुभांगी ने भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ''अगर प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो दुनिया अपनी प्राकृतिक शांति और खूबसूरती खो सकती है। प्रकृति केवल पेड़-पौधों या नदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। अगर पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो इंसान भी स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी पाएगा।''
  शुभांगी अत्रे ने लोगों से अपील की कि वे अपनी तेज रफ्तार जिंदगी में कुछ समय प्रकृति को समझने और उसके महत्व को महसूस करने के लिए निकालें। हमें प्रकृति का सम्मान करना सीखना होगा। अगर हम धरती, पेड़-पौधों, नदियों और जीव-जंतुओं की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति भी हमें सुरक्षित और संतुलित जीवन देती रहेगी।






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