search

CUET UG 2026: देश के कई केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 13

नई दिल्‍ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जा रही कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 के दौरान 30 मई को एक बड़ा संकट खड़ा हो गया। देश के विभिन्न राज्यों में बने कई परीक्षा केंद्रों पर अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण सुबह की शिफ्ट की परीक्षा अपने तय समय से काफी देरी से शुरू हो सकी। इस अप्रत्याशित गड़बड़ी की वजह से परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे कई महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे लाखों छात्रों और धूप में बाहर इंतजार कर रहे उनके अभिभावकों को भारी मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा।




TCS ने रिपोर्ट की तकनीकी खराबी

परीक्षा के आयोजन में आई इस बड़ी बाधा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया। एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि परीक्षा के लिए उनकी तकनीकी पार्टनर 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' (TCS) ने कुछ केंद्रों पर सर्वर और सिस्टम से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को रिपोर्ट किया था।
हालांकि, एजेंसी ने छात्रों को राहत देते हुए यह साफ किया कि अब इस समस्या को पूरी तरह से सुलझा लिया गया है। एनटीए ने यह भी आश्वासन दिया है कि जिन केंद्रों पर परीक्षा देरी से शुरू हुई है, वहां उम्मीदवारों को पूरा अतिरिक्त (क्षतिपूर्ति) समय दिया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि किसी भी छात्र का समय के अभाव में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और पूरा पेपर हल करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी।




परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम

सुबह की शिफ्ट में परीक्षा देने पहुंचे छात्रों और उनके परिजनों ने केंद्रों पर कुप्रबंधन और भारी अव्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना था कि वे सुबह 9 बजे की परीक्षा के लिए तय नियमों के अनुसार बेहद सुबह ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। प्रवेश के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद जब उन्हें जैसे-तैसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला, तो वहां की स्थिति और भी बदतर थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक, उन्हें परीक्षा शुरू होने का इंतजार कराते हुए करीब एक से दो घंटे तक बिना किसी स्पष्ट जानकारी के कुर्सियों पर बैठाए रखा गया। बेहद परेशान करने वाली बात यह रही कि इतनी भीषण गर्मी के बावजूद कई परीक्षा कक्षों में पंखे तक नहीं चल रहे थे। छात्र बिना परीक्षा शुरू हुए ही उमस और गर्मी से बेहाल होते रहे।




बाहर इंतजार करते रहे अभिभावक

परीक्षा केंद्र के बाहर का नजारा भी बेहद तनावपूर्ण था। प्रदर्शन में शामिल अरुण नाम के एक अभिभावक ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह 9 बजे से होनी थी, जिसके लिए वह सुबह 6:30 बजे ही उसे केंद्र पर छोड़कर घर लौट गए थे। जब वह सुबह 10 बजे उसे वापस लेने पहुंचे, तो देखा कि एक भी छात्र बाहर नहीं आया था।
केंद्र के भीतर से लाउडस्पीकर पर लगातार यह घोषणा की जा रही थी कि कुछ अपरिहार्य तकनीकी कारणों से परीक्षा शुरू होने में देरी हो रही है। अनुज नाम के एक अन्य छात्र ने बताया कि जब एक अभ्यर्थी को किसी कारण से थोड़ी देर के लिए बाहर आने का मौका मिला, तो उसने बताया कि दो घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कंप्यूटर स्क्रीन चालू नहीं हुई थी और छात्रों को न तो पेपर देने दिया जा रहा था और न ही परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने की अनुमति मिल रही थी।




एनटीए ने बदला दोपहर की शिफ्ट का शेड्यूल

सुबह की शिफ्ट में हुई भारी देरी के असर को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दोपहर के सत्र (सेकंड शिफ्ट) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के समय में बड़ा बदलाव किया है।
एनटीए द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:
संशोधित रिपोर्टिंग समय: दोपहर की शिफ्ट के उम्मीदवारों को अब परीक्षा केंद्रों पर 2:30 बजे से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
संशोधित परीक्षा समय: पहले से निर्धारित दोपहर 3:00 बजे के बजाय अब परीक्षा शाम 4:00 बजे से शुरू होगी।

एजेंसी ने उम्मीद जताई है कि इस समय विस्तार से तकनीकी प्रणालियों को पूरी तरह स्थिर करने में मदद मिलेगी और दोपहर के छात्रों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भविष्य को लेकर चिंतित हुए छात्र

देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई गड़बड़ी ने छात्रों के भविष्य पर चिंता के बादल मंडरा दिए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और उनके माता-पिता ने एनटीए और टीसीएस के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना था कि बच्चे पिछले कई महीनों से, बोर्ड परीक्षाओं के तुरंत बाद से ही इस एंट्रेंस टेस्ट के लिए दिन-रात एक कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा में इस तरह की बाधा आना उनके मनोबल को तोड़ देता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जानी चाहिए। उनका सीधा सवाल था कि यदि तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त नहीं थीं, तो लाइव परीक्षा से पहले 'मॉक ड्रिल' या जांच क्यों नहीं की गई?

जून तक खिंचेगी परीक्षा

आपको बता दें कि इस साल सीयूईटी यूजी परीक्षा का सफर पहले से ही कुछ बदलावों से गुजरा है। इस साल की परीक्षा 11 मई 2026 से शुरू हुई थी, जिसे पहले 31 मई तक समाप्त होना था। हालांकि, 28 मई को बकरीद के त्योहार के कारण पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश की वजह से एनटीए ने पूर्व में ही परीक्षा की कुछ तारीखों को आगे बढ़ा दिया था।
अब संशोधित टाइमटेबल के अनुसार, बची हुई परीक्षाएं 31 मई के अलावा जून के महीने में भी आयोजित की जाएंगी। सीयूईटी यूजी 2026 की आगामी परीक्षाएं अब 31 मई, 6 जून और 7 जून 2026 को आयोजित की जानी निर्धारित हैं। आंकड़ों की बात करें तो इस साल देश के प्रतिष्ठित कॉलेजों में सीट पाने के लिए कुल 15,68,866 उम्मीदवारों ने अपना पंजीकरण कराया है, जो इस परीक्षा की संवेदनशीलता और इसके बड़े पैमाने को दर्शाता है।






Editorial Team



CUET UG 2026 ExamNTA NewsCommon University Entrance TestTechnical Glitches in CUET UG









Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

deltin55

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

12

Posts

1410K

Credits

administrator

Credits
148078