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ईरान और होर्मुज स्‍ट्रेट पर ईयू का कड़ा रुख, ...

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ईयू का सख्त रुख: ईरान पर बढ़ेंगे प्रतिबंध  


  • होर्मुज स्ट्रेट पर यूरोप की चेतावनी, नौवहन स्वतंत्रता पर जोर
  • ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईयू का बड़ा बयान
  • काजा कैलास: आतंकवादी समूहों को समर्थन भी होगा निशाने पर
  • संघर्ष विराम पर ट्रंप का हमला, ईरान पर फिर धमकी
नई दिल्ली। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने विदेश मामलों की परिषद की बैठक में ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया।   




उन्होंने ईयू की ओर से प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ ईरान के मिसाइल कार्यक्रम व क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को समर्थन जैसे मुद्दों को भी किसी भी स्थायी समाधान में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।  
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को लेकर अस्थिरता की आलोचना करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया और इसे सभी के लिए खुला व मुक्त बनाए रखने पर जोर दिया।  
यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष काजा कैलास ने सोशल मीड‍िया एक्‍स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए ल‍िखा, ''होर्मुज स्‍ट्रेट खुला है या बंद, इस पर रोज-रोज अपना रुख बदलना एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरना हमेशा मुफ़्त रहना चाहिए। ईयू ने एक राजनीतिक समझौता किया है, जिसके तहत हम अपने प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाएंगे और उन लोगों को भी निशाना बनाएंगे जो नौवहन की स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं।''  




काजा ने पोस्‍ट में आगे कहा, ''हममें से कोई भी ईरान को परमाणु हथियारों से लैस नहीं देखना चाहता। हम अपने क्षेत्रीय साझेदारों से इस बात पर सहमत हैं कि किसी भी स्थायी समाधान में परमाणु मुद्दे के अलावा अन्य मुद्दों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिनमें ईरान का मिसाइल कार्यक्रम और आतंकवादी समूहों को उसका लगातार मिल रहा समर्थन शामिल है।''  
वहीं, ईरान-अमेर‍िका अस्थायी संघर्ष विराम की मियाद खत्म होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फ‍िर धमकी दी है।  




ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा- ईरान ने कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान तब सामने आया है जब अस्थायी संघर्ष विराम की समय सीमा खत्म होने को है और इस्लामाबाद टॉक्स के दूसरे दौर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। 8 अप्रैल (भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे) को संघर्ष विराम का ऐलान किया गया था।  
दोनों ओर विश्वास और भरोसे की कमी स्पष्ट दिख रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन हों, स्पीकर एमबी गालिबाफ हों या फिर विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सभी एक सुर में यूएस की मंशा पर संशय कर रहे हैं।






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