हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने स्मार्ट मीटर पर उपभोक्ताओं को विकल्प दिया है।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर, विद्युत खपत मापने का स्टीक व आधुनिक संयंत्र मात्र है। इस कारण विद्युत उपभोक्ता के बिलों या टैरिफ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। बोर्ड के सलाहकार अनुराग पराशर ने कहा है कि पुराने मीटरों को नए स्मार्ट मीटर में बदलने के दौरान कुछ मामलों में मानव त्रुटि के कारण बढ़ी हुई राशि के विद्युत बिल आ रहे हैं।
अभी तक त्रुटि नहीं मिली
इन विद्युत बिलों पर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अधिकतर मामलों में यह पाया जा रहा है कि बढ़े हुए विद्युत बिल, त्रुटि पूर्ण मीटर रीडिंग या विद्युत बिलों को बनाने में कोताही के कुछ ही मामलों के कारण आ रहे हैं। बोर्ड के मुताबिक, विद्युत स्मार्ट मीटर से गलती का पूरे प्रदेश में कोई बड़ा मामला अभी तक सामने नहीं आया है।
...तो एक माह का ट्रायल कर सकेंगे
बोर्ड लिमिटेड ने विद्युत उपभोक्ताओं को एक बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए निर्णय लिया है कि यदि किसी विद्युत उपभोक्ता को अपने मीटर में कुछ गड़बड़ी लगती है। विद्युत उपभोक्ता की भ्रांति को दूर करने के उद्देश्य से ऐसे उपभोक्ता, संबंधित विद्युत उपमंडल को आवेदन कर, अपने मामले को औचित्य के आधार पर अपने स्मार्ट मीटर के साथ दूसरा विद्युत मीटर लगा सकता है।
एक माह तक विद्युत उपभोक्ता इस मीटर को लगाए रख सकता है, यदि इस दौरान कोई भी त्रुटि पाई जाती है तो बोर्ड आवेदन कर्ता द्वारा प्रस्तुत मामले के आधार पर उसकी विवेचना कर उसका उचित निदान किया जाएगा। उपभोक्ता को सन्तुष्ट किया जाएगा।
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