चुनार खोवा मंडी में \“मीठे जहर\“ पर प्रशासन का शिकंजा, सवा सात क्विंटल मिलावटी खोवा नष्ट।
जागरण संवाददाता चुनार (मीरजापुर)। होली पर्व से ठीक पहले तहसील प्रशासन व खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को चुनार की खोवा मंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए सवा सात क्विंटल मिलावटी खोवा जब्त किया। खुलेआम बिक रहे मिलावटी मीठे जहर पर चली इस कार्रवाई से मंडी में अफरातफरी मच गई और कई दुकानदार मौके से खिसकते नजर आए।
नायब तहसीलदार संजय कुमार व सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त मंजुला सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। बरामद मिलावटी खोवा को जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर जमीन में दफन कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा 10 दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। पास स्थित कांशीराम कालोनी के आवासों को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किए जाने की सूचना पर उन्हें खुलवाया गया, जहां पाम आयल की खाली पन्नियां बरामद हुईं।
नायब तहसीलदार ने बताया कि पाम आयल व रिफाइंड आयल का उपयोग खोवा को घी जैसा टेक्स्चर देने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की रहेगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य निरीक्षक राजेश सिंह मौर्य, चौकी प्रभारी चकगंभीरा हरिशंकर यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
चुनार खोवा मंडी लंबे समय से मिलावटी खोवा के कारोबार को लेकर चर्चा में रही है। प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल खोवा के कारोबार के बीच पाउडर से तैयार खोवा और पामलीन आयल व अन्य रिफाइंड आयल की मिलावट की शिकायतें मिलती रही हैं। वर्ष 2023 में तत्कालीन एसडीएम नवनीत सेहारा के नेतृत्व में होली से पूर्व इसी मंडी में बड़ी कार्रवाई कर भारी मात्रा में मिलावटी खोवा नष्ट कराया गया था, जिसे प्रदेश स्तर की बड़ी कार्रवाई माना गया। वहीं वर्ष 2024 में वर्तमान एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने जौगढ़ इलाके से बड़ी मात्रा में मिल्क पाउडर बरामद कर मिलावट के नेटवर्क पर प्रहार किया था। इसके बाद भी विभागीय मिली भगत से मीठे जहर के ये व्यापारी बेखौफ होकर इसका व्यापार कर रहे हैं।  |
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